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Abhishek Banerjee Notice: CID और ED ने पूछताछ के लिए भेजा नोटिस

 16 Jun 2026

Abhishek Banerjee Notice: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव Abhishek Banerjee इस समय लगातार जांच एजेंसियों के घेरे में हैं। राज्य की अपराध अन्वेषण विभाग (CID) और केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों अलग-अलग मामलों में उनसे लगातार पूछताछ कर रही हैं। एक ओर CID फर्जी सिग्नेचर मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर ED कथित प्राइमरी स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़े वित्तीय पहलुओं को खंगाल रही है। स्थिति यह है कि उन्हें बार-बार एजेंसियों के सामने पेश होना पड़ रहा है और कई बार लंबी पूछताछ का सामना करना पड़ा है, जो कभी 9 घंटे तो कभी 11 घंटे तक चली है।

Abhishek Banerjee Notice: आज फिर CID के सामने पेशी, चुनावी बयान पर सवाल

आज मंगलवार को Abhishek Banerjee को एक बार फिर CID के सामने पेश होना है। इस बार पूछताछ का संबंध चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर दिए गए भड़काऊ बयान से बताया जा रहा है। CID ने पिछले सप्ताह इस मामले में उन्हें Notice भेजा था, जिसमें 16 जून को उपस्थित होने के लिए कहा गया था। Notice देने के लिए अधिकारी उनके आवास पर भी पहुंचे, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे। करीब दो घंटे इंतजार के बाद Notice उनके कार्यालय में एक कर्मचारी को सौंप दिया गया।

फर्जी सिग्नेचर केस में लंबी जांच और आमने-सामने पूछताछ

Fake Signature Case: CID पहले भी फर्जी सिग्नेचर मामले में Abhishek Banerjee से लंबी पूछताछ कर चुकी है। रविवार को इस मामले में उनसे करीब 9 घंटे तक सवाल-जवाब हुए थे। इसी दौरान TMC नेता Kunal Ghosh से भी पूछताछ की गई और दोनों को आमने-सामने बैठाकर बयान दर्ज किए गए। Investigative Agency का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों में कथित रूप से हस्ताक्षरों में अंतर पाया गया है, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया। इस संदर्भ में FIR दर्ज की गई और CID ने विस्तृत जांच शुरू की।

जानकारी के मुताबिक, 6 मई को टीएमसी विधायकों की बैठक Abhishek Banerjee के कालीघाट स्थित आवास पर हुई थी, जिसमें Shobhandev Chattopadhyay को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। बाद में 19 मई को 70 विधायकों के हस्ताक्षर वाला दस्तावेज विधानसभा को सौंपा गया, लेकिन इन हस्ताक्षरों में कथित असंगतियों के आरोप सामने आए।

शिक्षक भर्ती घोटाले में ED की गहन जांच 

दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कथित प्राइमरी स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही है। सोमवार को इस मामले में Abhishek Banerjee से लगभग 6 घंटे तक पूछताछ की गई। ED अधिकारियों ने बताया कि उनसे करीब दो दर्जन सवालों की सूची के आधार पर पूछताछ की गई। पूरी प्रक्रिया की Video Recording भी की गई है, जिसे आगे अन्य सबूतों और आरोपियों के बयानों से मिलान किया जाएगा। 

जांच एजेंसी इस केस में धन के स्रोत, उसके ट्रांसफर और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है, और Abhishek Banerjee Notice के तहत उनसे भी इसी सिलसिले में पूछताछ की जा रही है। इससे पहले भी पूर्व मंत्री Chandranath Sinha सहित कई अन्य लोगों से पूछताछ हो चुकी है।

लगातार पूछताछ से राजनीतिक माहौल गर्म 

पिछले कुछ दिनों में Abhishek Banerjee Notice के तहत उनको लगातार CID और ED दोनों एजेंसियों के सामने पेश होना पड़ रहा है। जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और पूछताछ का समय भी लंबा होता जा रहा है। इस पूरी स्थिति ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। एक तरफ फर्जी सिग्नेचर मामले की जांच आगे बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ भर्ती घोटाले का वित्तीय एंगल ED की जांच के दायरे में है। लगातार चल रही पूछताछ ने इस मामले को राज्य की राजनीति के सबसे बड़े मुद्दों में से एक बना दिया है।