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Bhagwant Mann ने नीति आयोग में उठाई पंजाब को विशेष दर्जे की मांग
12 Jun 2026
Bhagwant Mann: नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमावर्ती चुनौतियों और विकास संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए Punjab को ‘Special Category State’ का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मोहाली को देश का प्रमुख Semiconductor Hub विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की स्थिति अन्य सीमावर्ती राज्यों की तरह बेहद संवेदनशील है, इसलिए राज्य को विशेष सहायता और योजनाओं में अतिरिक्त सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं में पंजाब के लिए भी 90:10 वित्तीय अनुपात लागू करने की मांग की, जैसा कि पहाड़ी राज्यों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और जम्मू-कश्मीर के लिए किया जाता है।
Bhagwant Mann: सीमा सुरक्षा और ड्रग तस्करी की चुनौतियों का उठाया मुद्दा
NITI Aayog Meeting: बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब की भौगोलिक और सामरिक स्थिति का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जिसके कारण पंजाब को लगातार कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
Bhagwant Mann ने कहा कि सीमा पार से आतंकवाद, ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी और नशीले पदार्थों की आपूर्ति जैसी गतिविधियां राज्य के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं। इन चुनौतियों का सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ता है और राज्य को इनसे निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधनों तथा वित्तीय सहयोग की आवश्यकता है।
बाढ़ से हुए भारी नुकसान पर मांगी सहायता
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 में आई विनाशकारी बाढ़ का मुद्दा भी केंद्र सरकार के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण पंजाब के 2,300 से अधिक गांव प्रभावित हुए थे और राज्य को लगभग 12,905 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए केंद्र सरकार को पंजाब के लिए विशेष सहायता पैकेज पर विचार करना चाहिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और विकास तेजी से किया जा सके।
सीमावर्ती गांवों के साथ भेदभाव का आरोप
Bhagwant Mann ने केंद्र सरकार की ‘Vibrant Village-II’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों को अपेक्षित महत्व नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि राज्य के 2,000 से अधिक गांव और कस्बे अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े हुए हैं, लेकिन इस योजना में केवल 107 गांवों को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री का कहना था कि सीमावर्ती जिलों में वर्षों से निवेश की कमी रही है। इसके कारण उद्योगों का पलायन हुआ है और इन क्षेत्रों के विकास की गति प्रभावित हुई है। उन्होंने मांग की कि सीमा क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष योजनाएं और निवेश बढ़ाया जाए।
'विकसित भारत 2047' में पंजाब की भूमिका पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि पंजाब सुरक्षित और समृद्ध नहीं होगा तो ‘Viksit Bharat 2047’ का लक्ष्य भी अधूरा रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार देश के विकास और प्रगति के हर प्रयास में केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से देश की खाद्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है और भविष्य में भी निभाता रहेगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ‘Chief Minister’s Health Scheme’ के तहत अब राज्य के प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। यह सुविधा लगभग 900 सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध है।
इसके अलावा, राज्य में 990 आम आदमी क्लीनिक संचालित किए जा चुके हैं, जहां 107 आवश्यक दवाएं और 47 प्रकार की जांचें निशुल्क उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक 55 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज की जा चुकी हैं और प्रतिदिन करीब 84 हजार लोग इन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।
मोहाली को सेमीकंडक्टर उद्योग का केंद्र बनाने की पहल
बैठक में मुख्यमंत्री ने मोहाली को ‘National Knowledge and Education Centre’ घोषित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने मोहाली में एकीकृत Semiconductor Mega-Cluster स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि मोहाली में पहले से मौजूद Semiconductor Lab (SCL), प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन और मजबूत आधारभूत ढांचा इसे Semiconductor Manufacturing का प्रमुख केंद्र बनाने की क्षमता रखते हैं। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि एससीएल के आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित 4,500 करोड़ रुपये के निवेश का उपयोग मोहाली को भारत का अग्रणी सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए किया जाए।
नशे के खिलाफ अभियान और शिक्षा सुधारों का जिक्र
Bhagwant Mann ने राज्य में चल रहे नशा विरोधी अभियान की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि ‘War Against Drugs’ अभियान के तहत 547 क्लीनिक, 183 नशामुक्ति केंद्र और 90 पुनर्वास केंद्र सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
इसके साथ ही ‘School Against Drugs’ कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 8 लाख छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की ‘Education Quality Report-2026’ में पंजाब को देश की सर्वश्रेष्ठ स्कूली शिक्षा प्रणाली वाला राज्य बताया गया है। उन्होंने हुनर शिक्षा स्कूलों, बिजनेस ब्लास्टर्स कार्यक्रम, माइंडफुलनेस पहल, आईटीआई सीटों में वृद्धि और युवाओं के कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं को भी राज्य की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की ओर से रखी गई ये मांगें केवल राज्य के विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और विकसित भारत के लक्ष्य से भी सीधे जुड़ी हुई हैं।
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