Article
फर्जी सिग्नेचर केस में Abhishek Banerjee से CID की 6 घंटे पूछताछ
12 Jun 2026
Abhishek Banerjee, CID: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और Diamond Harbour से सांसद Abhishek Banerjee से गुरुवार को कोलकाता स्थित CID मुख्यालय में करीब छह घंटे तक लंबी पूछताछ की गई। यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है जिसमें विधानसभा में पेश एक प्रस्ताव पर कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों को कथित रूप से फर्जी या बिना अनुमति के इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
यह पूरा मामला फिलहाल कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत जांच के दायरे में है, जिसके बाद CID ने Abhishek Banerjee को तलब किया था। लंबे समय से जारी समन के बावजूद पेश न होने पर आखिरकार उन्हें अदालत के आदेश के बाद जांच एजेंसी के सामने उपस्थित होना पड़ा।
Abhishek Banerjee, CID: विधानसभा प्रस्ताव और विवाद की शुरुआत
Fake Signature Scam: मामला उस समय सामने आया जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया था। यह प्रस्ताव विपक्षी नेता और अन्य अहम पदों से जुड़े बदलाव या नियुक्तियों से संबंधित बताया जा रहा है। आरोप है कि इस प्रस्ताव के समर्थन में कुछ TMC विधायकों के हस्ताक्षर मौजूद थे, लेकिन बाद में यह दावा किया गया कि ये Signature न तो उनकी जानकारी में लिए गए और न ही उनकी अनुमति से किए गए।
कई विधायकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिस दिन दस्तावेज पर हस्ताक्षर होने की बात कही जा रही है, उस दिन कोई ऐसी बैठक ही नहीं हुई थी। इस दावे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। इसके बाद जब दस्तावेज की जांच की गई, तो कुछ विधायकों के असली हस्ताक्षरों और दस्तावेज पर मौजूद Signature में स्पष्ट अंतर पाया गया।
CID की जांच और आरोप
इस मामले की जांच पश्चिम बंगाल CID द्वारा की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि यह मामला केवल तकनीकी गलती या प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि गंभीर फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है। CID का दावा है कि विधानसभा में पेश किए गए दस्तावेजों में जिन हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया, वे संदिग्ध हैं और उनकी सत्यता की जांच जरूरी है।
जांच के दौरान कम से कम पांच विधायकों ने अपने हस्ताक्षरों पर खुद ही सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दस्तावेज पर मौजूद Signature उनके असली हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते। इसके बाद CID ने Handwriting Experts की मदद से तुलना शुरू की और कई नमूने भी एकत्र किए गए हैं।
अभिषेक बनर्जी से पूछताछ क्यों हुई
TMC Leader Questioned: CID ने इस मामले में Abhishek Banerjee से कई बार पूछताछ के लिए समन जारी किया था। हालांकि, इससे पहले वे अलग-अलग कारणों का हवाला देकर पेश नहीं हो सके थे। इनमें स्वास्थ्य संबंधी कारण और अन्य राजनीतिक व्यस्तताएं शामिल बताई गईं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि Abhishek Banerjee से मूल दस्तावेजों की जरूरत है, लेकिन वे लगातार उन्हें उपलब्ध नहीं करा रहे थे। CID का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने और असली दस्तावेजों की बरामदगी के लिए उनसे सीधे पूछताछ आवश्यक थी। इसी आधार पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी उन्हें जांच एजेंसी के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। अदालत के आदेश के बाद गुरुवार को वे CID मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे लगभग छह घंटे तक विस्तृत पूछताछ की गई।
पूछताछ का फोकस क्या रहा
पूछताछ के दौरान CID ने मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया पहला, विधानसभा में पेश किए गए प्रस्ताव की प्रक्रिया और उससे जुड़े दस्तावेजों की उत्पत्ति।
दूसरा, जिन विधायकों के नाम पर हस्ताक्षर दर्ज हैं, क्या उनकी जानकारी में यह प्रक्रिया हुई थी या नहीं? तीसरा, मूल दस्तावेजों की उपलब्धता और उनके रखरखाव से जुड़ी जानकारी।
एजेंसी का मानना है कि अगर मूल दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट हो जाती है, तो यह तय किया जा सकेगा कि हस्ताक्षर वास्तव में फर्जी हैं या किसी तकनीकी कारण से गलतफहमी पैदा हुई है।
विधायकों के बयान से बढ़ी पेचीदगी
इस पूरे मामले में तब और गंभीरता आ गई जब कम से कम पांच विधायकों ने अपने हस्ताक्षरों को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने उस दिन किसी बैठक में भाग लिया और न ही किसी ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
इन बयानों के बाद CID ने दस्तावेजों की Forensic Investigation की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में भी हस्ताक्षरों में असमानता सामने आने की बात कही जा रही है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
आगे की जांच और संभावित कदम
CID अब इस मामले में आगे की जांच को और तेज करने की तैयारी में है। एजेंसी का कहना है कि मूल दस्तावेजों की बरामदगी इस केस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते या उनमें गड़बड़ी पाई जाती है, तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
फिलहाल, Abhishek Banerjee से हुई लंबी पूछताछ के बाद जांच एजेंसी अब उनके बयान और उपलब्ध कराए गए तथ्यों का विश्लेषण कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Read This Also:- Punjab Congress Crisis: खरगे ने भेजी तीन सदस्यीय ऑब्जर्वर टीम
Read This Also:- Punjab Congress Crisis: खरगे ने भेजी तीन सदस्यीय ऑब्जर्वर टीम