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Dubai Nurses Crisis: अस्पताल बंद, सैकड़ों भारतीयों पर संकट गहराया

 08 Jun 2026

Dubai Nurses Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वहां काम कर रहे भारतीयों की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। दुबई के प्रतिष्ठित ईरानी अस्पताल के बंद होने के बाद सैकड़ों भारतीय नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के सामने रोजगार और निवास से जुड़ा गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को लेकर केरल के विपक्ष के नेता V.D. Satheesan ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।


Satheesan ने अपने पत्र में कहा है कि अस्पताल के बंद होने से बड़ी संख्या में भारतीय, विशेष रूप से केरल से जुड़े स्वास्थ्यकर्मी, असमंजस और असुरक्षा की स्थिति में पहुंच गए हैं। इनमें कई ऐसे कर्मचारी हैं जो वर्षों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवाएं दे रहे थे।

Dubai Nurses Crisis: नौकरी के साथ रेजिडेंसी स्टेटस पर भी मंडराया खतरा 

अस्पताल के संचालन बंद होने के बाद सबसे बड़ी चिंता कर्मचारियों के रोजगार और कानूनी निवास से जुड़ी हुई है। कई नर्सों और Healthcare Workers का कहना है कि उन्हें अपनी नौकरी जाने के साथ-साथ UAE में अपने Residency Status को लेकर भी डर सता रहा है।

स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, अस्पताल बंद होने के बाद नई नौकरी तलाशना आसान नहीं रह गया है। कई लोगों को New Employment Visa प्राप्त करने या मौजूदा वीजा को किसी दूसरे नियोक्ता के तहत ट्रांसफर कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में वर्षों से वहां रह रहे भारतीय परिवारों का भविष्य अनिश्चित होता नजर आ रहा है।

पीएम मोदी से तत्काल कार्रवाई की अपील 

Kerala CM Appeal: V.D. Satheesan ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से अनुरोध किया है कि इस मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय और UAE में स्थित भारतीय दूतावास को स्थानीय प्रशासन से बातचीत कर प्रभावित कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।

सतीसन ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि ये वही स्वास्थ्यकर्मी हैं जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अग्रिम मोर्चे पर रहकर लोगों की सेवा की थी। ऐसे समय में उन्हें अकेला छोड़ना उचित नहीं होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि प्रभावित भारतीयों को वैकल्पिक रोजगार और वीजा संबंधी राहत दिलाने के लिए सक्रिय प्रयास किए जाएं।

परिवारों पर बढ़ा आर्थिक और मानसिक दबाव 

नौकरी छूटने की आशंका ने केवल कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि उनके परिवारों को भी प्रभावित किया है, और इसी संदर्भ में Dubai Nurses Crisis ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि उनकी आय बंद होने की स्थिति में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा। बड़ी संख्या में लोगों पर गृह ऋण, शिक्षा ऋण और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियां हैं।

इसके अलावा अनिश्चित भविष्य ने मानसिक तनाव भी बढ़ा दिया है। कई परिवार वर्षों से UAE में रह रहे हैं और वहां उनकी सामाजिक तथा आर्थिक जड़ें मजबूत हो चुकी हैं। अचानक पैदा हुई इस स्थिति ने उन्हें चिंता और असुरक्षा के माहौल में धकेल दिया है।

वीजा और पारिवारिक दस्तावेजों को लेकर भी परेशानी 

प्रभावित कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल बंद होने के बाद कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं प्रभावित हुई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें अपने परिजनों के लिए Dependent Visa या Visit Visa प्राप्त करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से कई परिवारों की पारिवारिक योजनाएं प्रभावित हुई हैं। जिन कर्मचारियों के परिवार भारत और UAE के बीच आते-जाते रहते हैं, उनके सामने अतिरिक्त चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर चिंता

कई नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि उनके बच्चे दुबई और अन्य अमीरात के स्कूलों में पढ़ रहे हैं। यदि रोजगार और वीजा से जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं निकला तो बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ सकता है, और Dubai Nurses Crisis की स्थिति इस चिंता को और बढ़ा रही है। अभिभावकों का कहना है कि वे वर्षों की मेहनत से अपने परिवारों को स्थिर जीवन देने में सफल हुए थे, लेकिन मौजूदा संकट ने उनकी सारी योजनाओं को प्रभावित कर दिया है। बच्चों की शिक्षा, आवास और दैनिक जरूरतों को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं पर भी असर 

कई Healthcare Professionals ने आशंका जताई है कि यदि वे लंबे समय तक बेरोजगार रहे तो उनके Professional License और करियर पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। खाड़ी देशों के स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अनुभव और निरंतर रोजगार महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे अंतराल के कारण भविष्य में नई नौकरियां हासिल करना कठिन हो सकता है। यही कारण है कि प्रभावित स्वास्थ्यकर्मी जल्द से जल्द किसी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

समाधान की तलाश में भारतीय समुदाय 

दुबई के ईरानी अस्पताल के बंद होने से पैदा हुआ यह संकट अब भारतीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। प्रभावित नर्सें और स्वास्थ्यकर्मी चाहते हैं कि भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास मिलकर UAE प्रशासन के साथ बातचीत करें ताकि रोजगार, वीजा और निवास से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान निकाला जा सके। फिलहाल सैकड़ों भारतीय परिवारों की निगाहें केंद्र सरकार की ओर टिकी हुई हैं। उन्हें उम्मीद है कि मानवीय आधार पर जल्द कोई ठोस पहल होगी, जिससे उनका रोजगार, भविष्य और परिवार सुरक्षित रह सके।