Article
Lalu-Rabri Security: Z+ सुरक्षा खत्म, आवास से हटाए सभी सुरक्षाकर्मी
06 Jun 2026
Lalu-Rabri Security: बिहार की राजनीति में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख Lalu Prasad Yadav और पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi को पहले दी गई Z+ श्रेणी की सुरक्षा को राज्य सरकार ने वापस ले लिया है। यह निर्णय गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद सामने आया, जिसमें दोनों नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया है।
इससे पहले Rabri Devi को भवन निर्माण विभाग की ओर से आवास खाली करने का नोटिस दिए जाने को लेकर भी राजनीतिक माहौल पहले से गर्म था। वह विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि सुरक्षा में कटौती का नया मामला सामने आ गया, जिसने सियासी हलचल और तेज कर दी है।
Lalu-Rabri Security: Z+ सुरक्षा समाप्त कर नई श्रेणी लागू
RJD Security Controversy: सरकारी आदेश के अनुसार, Lalu Prasad Yadav और Rabri Devi को दी गई Z+ श्रेणी की सुरक्षा अब समाप्त कर दी गई है। Z+ सुरक्षा देश की सबसे उच्च स्तरीय सुरक्षा श्रेणियों में से एक मानी जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में कमांडो, हाउस गार्ड, एस्कॉर्ट वाहन और विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल शामिल होते हैं।
हालांकि सुरक्षा पूरी तरह हटाई नहीं गई है। दोनों नेताओं को अब बिहार सरकार के विशेष सुरक्षा दल अधिनियम, 2010 के तहत सीमित सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इस नए प्रावधान के तहत सुरक्षा व्यवस्था पहले से काफी कम और नियंत्रित होगी।
आवास से हटे सभी सुरक्षाकर्मी
सरकार के फैसले के बाद स्थिति और भी अधिक चर्चा में आ गई जब पटना स्थित राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, जैसे ही आदेश लागू हुआ, Rabri Devi और Lalu Prasad Yadav ने अपने आवास पर मौजूद सभी जवानों को तुरंत बाहर जाने का निर्देश दिया।
इसके बाद सभी सुरक्षाकर्मी आवास परिसर से बाहर निकल गए। बताया जा रहा है कि कुछ सुरक्षाकर्मी गेट से थोड़ी दूरी पर खड़े देखे गए, लेकिन मुख्य द्वार पूरी तरह खाली कर दिया गया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें आवास के बाहर कोई भी सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं दिखाई देता।
नई सुरक्षा व्यवस्था का ढांचा
नए सुरक्षा प्रावधानों के तहत अब राबड़ी देवी और Lalu Prasad Yadav को सीमित सुरक्षा कवर मिलेगा। आदेश के मुताबिक Rabri Devi को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) की 2-8 हाउस गार्ड टीम, तीन महिला और तीन पुरुष अंगरक्षक, एक बुलेटप्रूफ वाहन तथा एस्कॉर्ट वाहन उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं Lalu Prasad Yadav को भी इसी अधिनियम के तहत 2-8 हाउस गार्ड की टीम दी जाएगी। इसके अलावा उनके लिए दो व्यक्तिगत अंगरक्षक तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था में एस्कॉर्ट, पायलट वाहन और बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी शामिल रहेगी, लेकिन पहले की तुलना में सुरक्षा स्तर कम किया गया है।
तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं
इस पूरे फैसले में एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई कि नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्हें पहले की तरह Y+ श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी। इस सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें 1-4 हाउस गार्ड, छह व्यक्तिगत अंगरक्षक और पांच पुलिसकर्मियों वाला एस्कॉर्ट वाहन उपलब्ध रहेगा।
सरकार के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, लेकिन Tejashwi Yadav की सुरक्षा यथावत रखने से यह स्पष्ट हुआ है कि उनके प्रोटेक्शन स्टेटस में कोई संशोधन नहीं किया गया।
तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में कटौती
इधर, लालू परिवार के ही एक अन्य सदस्य और पूर्व मंत्री Tej Pratap Yadav की सुरक्षा में भी बदलाव किया गया है। पहले उन्हें Y श्रेणी की सुरक्षा दी जाती थी, लेकिन अब उनकी सुरक्षा घटाकर केवल एक व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO) तक सीमित कर दी गई है।
यह बदलाव उनके मंत्री पद छोड़ने के बाद लागू होने वाले नियमों के अनुसार किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में यह कटौती भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
अन्य परिवार सदस्यों की सुरक्षा व्यवस्था
लालू परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा में भी अलग-अलग स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। सांसद Misa Bharti को अब तीन सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे, जो सांसदों के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार है।
वहीं Tejashwi Yadav की पत्नी Rajshree Yadav को एक अंगरक्षक प्रदान किया गया है। हालांकि उनका कोई राजनीतिक या संवैधानिक पद नहीं है, लेकिन उनकी सार्वजनिक उपस्थिति और सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है।
राजनीतिक माहौल और प्रतिक्रिया
Bihar Political Tension: इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सुरक्षा में कटौती और आवास से सुरक्षाकर्मियों की वापसी को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होने की संभावना है। वहीं लालू परिवार की ओर से इस फैसले पर असंतोष की झलक भी सामने आ रही है।
सरकारी निर्णय के बाद स्थिति यह है कि सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सख्त नियमों और सीमित संसाधनों के साथ लागू की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है।
Lalu Prasad Yadav और Rabri Devi की सुरक्षा में हुए इस बड़े बदलाव ने बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर सरकार इसे नियमों के तहत लिया गया प्रशासनिक निर्णय बता रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक रूप से देखा जा रहा कदम मान रहा है।