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Rebel MLAs Meeting: TMC में बागी विधायकों की बैठक, नेतृत्व पर फैसला

 03 Jun 2026

Rebel MLAs Meeting: पश्चिम बंगाल विधानसभा में चुनाव हारने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अस्थिरता नए रूप में सामने आई है। पार्टी के भीतर असली नेतृत्व और विधायकों के समर्थन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बागी विधायकों की ओर से Speaker को सौंपे गए पत्र ने इस असंतोष को और बढ़ा दिया है। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी में संभावित टूट और शक्ति प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।


Rebel MLAs Meeting: बागी विधायकों का नया नेतृत्व प्रस्ताव 

West Bengal Politics: सूत्रों के अनुसार, बागी TMC विधायकों ने स्पीकर को पत्र सौंपा है, जिसमें पार्टी की वरिष्ठ नेता Mamata Banerjee को TMC की प्रमुख नेता के रूप में मान्यता देने की पुष्टि की गई है। पत्र में आगे लिखा गया कि नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) के रूप में Ritabrata Banerjee को और उप नेता प्रतिपक्ष के रूप में जावेद खान, सिउली साहा और संदीपन साहा को नियुक्त किया जाए। वहीं, पार्टी के चीफ व्हिप के लिए अखरुज्जमान का नाम प्रस्तावित किया गया है।

इस प्रस्ताव के साथ बागी विधायकों ने नए नेतृत्व ढांचे का सुझाव भी दिया। Ritabrata Banerjee को विधायक दल का नेता और अखरुज्जमान को चीफ व्हिप बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया। सूत्रों ने बताया कि चंद्रनाथ सिन्हा और सिउली साहा समेत कई बागी विधायक ऋतब्रत और संदीपन साहा के साथ Assembly Speaker के कक्ष तक गए और दस्तावेज़ सौंपे।

हस्ताक्षरों की संख्या और समर्थन 

बागी विधायकों ने दावा किया कि उनके पास विधायकों के दो तिहाई से अधिक समर्थन हैं। इस बीच TMC विधायक मुस्तफिज़ुर रहमान ने नेता प्रतिपक्ष के नामांकन पर कहा, हमें सही आंकड़ा नहीं पता, लेकिन बाहर से सुन रहा हूं कि 59 लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। मैंने भी हस्ताक्षर किए हैं। TMC विधायक प्रिया पॉल ने भी कहा कि वह विधानसभा में बैठक के बाद स्पष्ट जानकारी देंगी।

सूत्रों के अनुसार, Rebel MLAs Meeting के बाद तैयार किए गए समर्थन पत्र पर 58 विधायकों के हस्ताक्षर मौजूद थे, जिसमें मध्यमग्राम के विधायक रथिन घोष भी शामिल थे। उन्होंने भी ऋतब्रत के समर्थन में दस्तखत किए।

स्पीकर से अनुरोध और परंपरा का हवाला

 

Speaker Rathindra Bose: बागी विधायकों ने Speaker से अनुरोध किया है कि नए प्रस्तावित नेताओं को परंपरा और प्रथा के अनुसार पदों पर मान्यता दी जाए। पत्र में यह भी याद दिलाया गया कि 2001 में पार्टी ने स्वर्गीय पंकज बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष बनाने की सिफारिश की थी, जिसे तत्कालीन Speaker ने स्वीकार किया। इसी तरह, 2006, 2011, 2016 और 2021 में भी इसी प्रक्रिया का पालन हुआ।

पत्र में उल्लेख किया गया कि 2021 में बीजेपी ने Shubhendu Adhikari का नाम नेता प्रतिपक्ष के रूप में प्रस्तावित किया था, जिसे तत्कालीन स्पीकर ने मान्यता दी थी। बागी विधायकों ने अनुरोध किया कि शोभनदेव चट्टोपाध्याय और अन्य अनुशंसित व्यक्तियों को उनके पदों पर यथाशीघ्र नियुक्त किया जाए।

TMC में अंदरूनी विवाद की आशंका 

पूर्व मंत्री तपस रॉय ने दावा किया कि TMC में फूट पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी में कई ऐसे लोग हैं जिनके पास राजनीतिक अनुभव बहुत कम है, और अब यह अस्थिरता सामने आ रही है। रॉय ने कहा, TMC एक प्रक्रिया से गुजर रही है जिसे टाला नहीं जा सकता।

वहीं, विपक्षी पार्टी के नेता ने जोर देकर कहा कि अधिकांश TMC विधायक Mamata Banerjee के साथ खड़े हैं। वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने इस संभावना को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल विधायकों को तोड़ने और विपक्षी पार्टी को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है।

बागी विधायकों का दावा और ममता का समर्थन 

TMC से निष्कासित विधायक Ritabrata Banerjee ने स्वीकार किया कि उन्होंने MLA हॉस्टल में कुछ विधायकों से मुलाकात की और उनके साथ 'Bent' बनाई। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितने विधायक उनके खेमे में शामिल हो सकते हैं। ऋतब्रत ने यह भी कहा कि शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाने के लिए कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ, और जिस दस्तावेज़ पर उन्होंने हस्ताक्षर किए, वह केवल उपस्थिति दर्ज करने की शीट थी।

दूसरी ओर, TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि Rebel MLAs Meeting के बाद स्पीकर के ऑफिस ने उस पत्र को स्वीकार करने से मना कर दिया जिसमें महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाए जाने का प्रस्ताव था।

सत्ता और सीटों की तस्वीर

पश्चिम बंगाल विधानसभा में 294 सदस्य हैं, जिसमें TMC ने 80 सीटें जीतकर विधानसभा में मजबूत स्थिति हासिल की थी। हालांकि, सोमवार को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 2 विधायकों को निष्कासित किया गया। तापस रॉय और बागी विधायकों के बयानों के बीच TMC के अंदरूनी विवाद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी की साख और भविष्य में विधायकों का समर्थन इस विवाद में अहम भूमिका निभाएगा।

इस तरह, पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर नेतृत्व और समर्थन को लेकर चल रही गुत्थी अब विधानसभा स्तर तक पहुँच चुकी है। आगामी दिनों में Speaker की मान्यता और विधायकों के रुख से पार्टी की असली ताकत सामने आएगी।