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Rahul Gandhi Meeting: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन लगभग तय

 27 May 2026

Rahul Gandhi Meeting: कर्नाटक कांग्रेस में पिछले कई महीनों से चल रहा नेतृत्व संकट अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने आखिरकार पार्टी हाईकमान के सामने झुकते हुए मुख्यमंत्री पद छोड़ने के संकेत दे दिए हैं। Delhi में कांग्रेस नेतृत्व के साथ लंबी बातचीत और Rahul Gandhi से हुई अहम चर्चा के बाद सत्ता परिवर्तन का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, Siddaramaiah गुरुवार को अपने इस्तीफे का आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं। 


राज्य की राजनीति में यह बदलाव उस पुराने 50-50 सत्ता साझेदारी फॉर्मूले के तहत माना जा रहा है, जिसे सरकार गठन के समय तय किया गया था। इस फार्मूले के अनुसार पांच साल के कार्यकाल को Siddaramaiah और D. K. Shivakumar के बीच बांटने की सहमति बनी थी।

Rahul Gandhi Meeting: दिल्ली में चली सात घंटे की मैराथन बैठक 

Congress power sharingमुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में लंबे समय से चल रही खींचतान को खत्म करने के लिए मंगलवार को दिल्ली में अहम बैठक बुलाई गई। AICC मुख्यालय में हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi, K.C. Venugopal और Randeep Singh Surjewala मौजूद रहें। वहीं मुख्यमंत्री Siddaramaiah और उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar भी चर्चा का हिस्सा बने।

सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान Rahul Gandhi ने Siddaramaiah से अलग से बातचीत की। इस दौरान उन्हें पार्टी हित और आगामी चुनावी रणनीति का हवाला देते हुए नेतृत्व परिवर्तन के लिए राजी किया गया। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि समय रहते सत्ता हस्तांतरण करने से पार्टी को राजनीतिक रूप से फायदा मिल सकता है।

डीके शिवकुमार की लंबे समय से थी दावेदारी

D. K. Shivakumar लगातार यह दावा करते रहे हैं कि सरकार गठन के समय मुख्यमंत्री पद को लेकर जो समझौता हुआ था, अब उसे लागू करने का वक्त आ गया है। उनके समर्थक भी कई बार दिल्ली पहुंचकर पार्टी नेतृत्व पर दबाव बना चुके हैं। हालांकि अब तक हाईकमान इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं ले रहा था। लेकिन ताजा घटनाक्रम के बाद यह माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने सत्ता परिवर्तन को मंजूरी दे दी है और जल्द ही डीके शिवकुमार को राज्य की कमान सौंपी जा सकती है।

सिद्धारमैया ने हाईकमान के फैसले को माना 

जानकारी के मुताबिक Rahul Gandhi के साथ लंबी चर्चा के बाद Siddaramaiah ने पार्टी नेतृत्व के फैसले को स्वीकार कर लिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह कांग्रेस हाईकमान के आदेशों के खिलाफ नहीं जाएंगे। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने का भरोसा भी दिया है। उन्हें राज्यसभा भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही उनके बेटे Dr. Yatindra Siddaramaiah को नए मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारी, यहां तक कि उपमुख्यमंत्री पद देने पर भी चर्चा हुई है।

करीबी मंत्रियों ने रोकने की कोशिश की

Delhi बैठक के बाद Siddaramaiah ने अपने भरोसेमंद मंत्रियों के साथ अलग से बैठक की। इस बैठक में Dr. G. Parameshwar, K.J. George, M.B. Patil और Bhairati Suresh जैसे वरिष्ठ नेता शामिल रहे। बताया जा रहा है कि इन नेताओं ने सिद्धारमैया पर इस्तीफा न देने का दबाव बनाया और उन्हें दोबारा हाईकमान से बात करने की सलाह दी।

हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वह Rahul Gandhi से किए गए वादे से पीछे नहीं हट सकते। उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा कि पार्टी और नेतृत्व के निर्णय का सम्मान करना उनकी जिम्मेदारी है और वह मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए तैयार हैं।

आज हो सकती है आधिकारिक घोषणा 

Karnataka CM changeदिल्ली से लौटने के बाद मंगलवार देर रात Siddaramaiah बेंगलुरु पहुंचे। उनके साथ कई मंत्री और कानूनी सलाहकार भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि बुधवार को वह Mahatma Gandhi और Jawaharlal Nehru की पुण्यतिथि से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद मीडिया को संबोधित कर सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि Press Conference के दौरान वह अपने इस्तीफे की औपचारिक घोषणा कर दें। इसके साथ ही कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाकर नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

बेंगलुरु पहुंचेगा कांग्रेस हाईकमान 

सत्ता परिवर्तन को सुचारू तरीके से पूरा करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने भी पूरी तैयारी कर ली है। K.C. Venugopal और Randeep Singh Surjewala बुधवार को बेंगलुरु पहुंचेंगे। वहां वे कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेकर नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे।

अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार चलता है, तो जून 2026 तक कर्नाटक में नए नेतृत्व के साथ कांग्रेस सरकार काम करती नजर आएगी। फिलहाल पूरे राज्य की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि क्या D. K. Shivakumar आखिरकार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच पाएंगे या फिर आखिरी समय में कोई नया राजनीतिक मोड़ सामने आएगा।

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