Article

Rahul Gandhi ने सरकार को घेरा, महंगाई को लेकर साधा निशाना

 25 May 2026

Rahul Gandhi Attackदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिसके बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। बीते कुछ दिनों में ईंधन के दामों में बार-बार इजाफा हुआ है और इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस बढ़ोतरी को लेकर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं और इसे आम जनता पर “The Hidden Burden” बताया है।


Rahul Gandhi का सरकार पर तीखा हमला 

 

Rahul Gandhi ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही देश में आने वाले आर्थिक संकट की चेतावनी दी थी, लेकिन उस समय प्रधानमंत्री चुनावी गतिविधियों में व्यस्त थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव समाप्त होते ही सरकार ने ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी शुरू कर दी है।

Rahul Gandhi ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम installments में बढ़ाए जा रहे हैं ताकि जनता पर धीरे-धीरे बोझ डाला जाए और विरोध कम महसूस हो। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि सरकार का यह तरीका ऐसा है जैसे जनता की जेब पर धीरे-धीरे असर डालकर महंगाई बढ़ाई जा रही हो। उन्होंने यह भी दावा किया कि बीते कुछ समय में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है और आने वाले समय में यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। उनके अनुसार, सरकार की प्राथमिकता जनता को राहत देना नहीं बल्कि कीमतों को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाना बन गई है।

चुनाव के बाद महंगाई बढ़ने का आरोप 

PM Modi Criticismकांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद महंगाई और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी जाती है। Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “Inflation Management” के नाम पर जनता की जेब पर असर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम अब केवल चुनावी वादे करना और उसके बाद महंगाई बढ़ाना रह गया है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उठाए सवाल 

कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने भी पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में बार-बार कीमतें बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की बचत पर असर डाल रही है और महंगाई को नियंत्रित करने के बजाय उसे बढ़ने दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी वृद्धि नहीं हुई है, इसके बावजूद देश में ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ाई जा रही हैं।

Rahul Gandhi Attack के तहत उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि यूपीए सरकार के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई थी, लेकिन वर्तमान सरकार के समय ऐसा कोई बड़ा वैश्विक दबाव नहीं है, फिर भी घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल महंगे हो रहे हैं।

दो हफ्तों में चौथी बार बढ़े दाम 

Fuel Price Hikeसरकारी तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की। यह पिछले लगभग दो सप्ताह में चौथी बार है जब ईंधन महंगा हुआ है। नई दरों के अनुसार राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर लगभग 102.12 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल की कीमत करीब 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले भी मई महीने में कई बार दामों में बढ़ोतरी की गई थी।

15 मई को सबसे पहले बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद 19 मई, 23 मई और फिर 25 मई को लगातार कीमतें बढ़ती रहीं। इस तरह दो हफ्तों में कुल मिलाकर ईंधन की कीमतों में 7 रुपये से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

प्रमुख शहरों में भी असर 

देश के बड़े महानगरों में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113 रुपये प्रति लीटर से ऊपर पहुंच गई है, जबकि डीजल भी 99 रुपये के करीब है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111 रुपये से अधिक हो गई है और डीजल भी 97 रुपये से ऊपर चल रहा है। चेन्नई में भी स्थिति लगभग समान है, जहां पेट्रोल की कीमत 107 रुपये से अधिक और डीजल करीब 99 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। लगातार बढ़ती इन कीमतों ने आम उपभोक्ताओं के बजट पर असर डालना शुरू कर दिया है।

पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर देश में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। Rahul Gandhi Attack के तहत विपक्ष जहां इसे सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता बता रहा है, वहीं सरकार की ओर से इस पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता पर पड़ रहा दबाव आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।

Read This Also:- Multiple Marriage Ban: असम विधानसभा में UCC बिल पेश, विपक्ष में नाराजगी