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Modi Bengaluru Visit के दौरान सुरक्षा चूक का मामला सामने आया

 25 May 2026

Modi Bengaluru Visitकर्नाटक की राजधानी Bengaluru में प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक का मामला सामने आया है। शहर के बाहरी इलाके में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस घटना को लेकर अब तक की जांच में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, जबकि विस्फोटक सामग्री के स्रोत का भी स्पष्ट पता नहीं चल सका है।


इस पूरे मामले को सुरक्षा में बड़ी लापरवाही मानते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। बेंगलुरु दक्षिण जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) के आदेश पर एक सब-इंस्पेक्टर, एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल सहित कुल छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन सभी पर ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।

Modi Bengaluru Visit: 10 मई को मिली थी संदिग्ध सामग्री 

यह घटना 10 मई की बताई जा रही है, जब कनकपुरा रोड के पास एक जंगल से सटी कच्ची सड़क के किनारे संदिग्ध वस्तुएं बरामद हुई थीं। यह स्थान मुख्य सड़क से लगभग 20 फीट की दूरी पर था। वहां से पुलिस को जो सामग्री मिली, उसमें जिलेटिन की दो छड़ें, कुछ अगरबत्तियां, एक माचिस, सेलोफेन टेप, बैटरी पैक, तार और एक सर्किट बोर्ड जैसी वस्तुएं शामिल थीं।

इन वस्तुओं की बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियों में चिंता बढ़ गई, क्योंकि यह सामग्री संभावित रूप से विस्फोटक तैयार करने या किसी संदिग्ध गतिविधि से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन वस्तुओं का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इन्हें वहां किसने रखा था।

FIR दर्ज, विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला 

Police Inquiry Beginsइस मामले में कग्गलीपुरा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए धारा 4 और धारा 9B के अंतर्गत केस दर्ज किया है। धारा 4 के तहत उन मामलों में सजा का प्रावधान है जहां विस्फोटक बनाने, रखने या उपयोग करने से जान-माल को खतरे में डालने की मंशा हो सकती है। वहीं धारा 9B अन्य संबंधित अपराधों के लिए दंड का प्रावधान करती है। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

PM मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा पर सवाल

यह घटना उस समय हुई जब प्रधानमंत्री Narendra Modi कर्नाटक दौरे पर आने वाले थे। उनका कार्यक्रम बेंगलुरु में आयोजित एक बड़े आयोजन से जुड़ा था, जिसमें वे 'Art of Living' के 45 वर्ष पूरे होने और इसके संस्थापक Sri Sri Ravi Shankar के 70वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। 

बताया जा रहा है कि संदिग्ध विस्फोटक सामग्री प्रधानमंत्री के निर्धारित दौरे से करीब डेढ़ घंटे पहले बरामद की गई थी, खासकर Modi Bengaluru Visit को ध्यान में रखते हुए यह समय सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद संवेदनशील माना गया। इस समय को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई थीं और पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया।

जांच में जुटी NIA टीम, अब तक कोई सुराग नहीं

Karnataka Probe Orderedघटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम भी दिल्ली से बेंगलुरु पहुंची और जांच में पुलिस के साथ सहयोग कर रही है। हालांकि, अब तक की जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। न तो यह पता चल पाया है कि विस्फोटक सामग्री वहां कैसे पहुंची और न ही इसके पीछे किसी व्यक्ति या समूह की पहचान हो सकी है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय लोगों से पूछताछ और तकनीकी जांच के माध्यम से मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

लापरवाही पर कार्रवाई, आगे जांच जारी 

बेंगलुरु दक्षिण जिले के पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए जिन छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है, उनमें एक PSI, एक ASI और चार कांस्टेबल शामिल हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कर्तव्यों के पालन में लापरवाही बरती, जिसके कारण यह सुरक्षा चूक हुई, खासकर हाल ही में हुए Modi Bengaluru Visit के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ गई। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई है और आगे की विस्तृत जांच के बाद और भी निर्णय लिए जा सकते हैं।

फिलहाल यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चुनौती बना हुआ है। प्रधानमंत्री के दौरे से ठीक पहले इस तरह की संदिग्ध सामग्री का मिलना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि जांच अभी जारी है और पुलिस, स्थानीय प्रशासन तथा NIA मिलकर हर पहलू की गहराई से जांच कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है, जो यह स्पष्ट करेंगे कि यह लापरवाही थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश।

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