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West Bengal Scheme: शुरू हुई केंद्र की योजना, 7.79 लाख कारीगरों को लाभ

 23 May 2026

West Bengal Scheme: पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार बनने के बाद अब केंद्र की योजनाओं को राज्य में लागू करने का मार्ग साफ हो गया है। इसी कड़ी में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय ने ऐलान किया है कि ‘Prime Minister Vishwakarma Scheme’ अब पश्चिम बंगाल में भी शुरू की जाएगी। इस योजना से राज्य के लगभग 7.79 लाख कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकर्मियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।


West Bengal Scheme: क्या है पीएम विश्वकर्मा योजना 

Prime Minister Vishwakarma Scheme को 17 सितंबर 2023 को देशभर में लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आधुनिक उपकरण, औपचारिक वित्तीय सुविधाएं और बेहतर बाजार अवसर प्रदान करना है। योजना का लक्ष्य न केवल उनकी आजीविका को मजबूत करना है, बल्कि पारंपरिक कौशल और शिल्प विरासत को संरक्षित करना भी है।

MSME मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और विकास आयुक्त Dr. Rajneesh ने बताया कि पश्चिम बंगाल में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति और जिला स्तरीय कार्यान्वयन समितियों का गठन किया जा चुका है। इन समितियों का काम होगा कि लाभार्थियों की पहचान सही ढंग से हो, कौशल विकास को बढ़ावा मिले और पारंपरिक कारीगरों तक योजना का लाभ व्यापक रूप से पहुंच सके।

पश्चिम बंगाल में योजना का असर 

Central Scheme Benefit: राज्य में अब तक इस योजना के तहत 7.79 लाख कारीगरों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है। इसका मतलब है कि योजना लागू होने के बाद कम से कम 7.79 लाख परिवारों तक इसका प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। देशभर में इस योजना में अब तक 2.72 करोड़ कारीगरों ने पंजीकरण कराया है।

Dr. Rajneesh ने कहा कि West Bengal अपनी समृद्ध पारंपरिक शिल्प और कारीगर विरासत के कारण इस योजना के लिए उपयुक्त राज्य है। उनका मानना है कि योजना के क्रियान्वयन से कारीगरों को आधुनिक मशीनरी, वित्तीय सहायता और बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी आजीविका मजबूत होगी और पारंपरिक शिल्प की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ेगी।

राज्य और केंद्र के बीच समन्वय 

Government Scheme Apply: MSME मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच हाल ही में बैठक हुई, जिसमें योजना के शीघ्र क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। इस बैठक में मुख्य सचिव Manoj Aggarwal और मंत्रालय के अधिकारियों ने लाभार्थियों की पहचान सुधारने, कौशल विकास को बढ़ाने और योजना की व्यापक पहुँच सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। 

मुख्य सचिव ने मंत्रालय के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्रीय योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के प्रति प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, अन्य MSME योजनाओं के क्रियान्वयन और संस्थागत समन्वय को बढ़ाने पर भी विचार किया गया ताकि प्रदेश में MSME क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सके।

कारीगरों के लिए अवसर और संभावनाएं 

Prime Minister Vishwakarma Scheme न केवल आर्थिक सहायता देती है, बल्कि कारीगरों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देती है। इस योजना के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और वित्तीय सहायता मिलेगी। इसके अलावा, उनके उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए विशेष पहल भी की जाएगी।

West Bengal में इस योजना के जरिए कौशल के संरक्षण और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। राज्य के कारीगरों की क्षमता और उनके पारंपरिक शिल्प के महत्व को ध्यान में रखते हुए, योजना के सफल क्रियान्वयन की संभावनाएं अधिक हैं।

देशभर में योजना का प्रभाव 

देशभर में Prime Minister Vishwakarma Scheme ने अब तक 2.72 करोड़ कारीगरों को लाभ पहुंचाया है। राज्य में इसके क्रियान्वयन के साथ ही यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। योजना के माध्यम से न केवल कारीगरों की आय बढ़ेगी, बल्कि उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।

MSME मंत्रालय के अनुसार, योजना का उद्देश्य मौजूदा कारीगरों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना, पारंपरिक कौशल को संरक्षित करना और उनके व्यवसाय के अवसर बढ़ाना है। West Bengal में इस पहल के साथ ही यह योजना देशभर में कारीगरों के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित 

West Bengal में केंद्र की पहली योजना Prime Minister Vishwakarma Scheme के जरिए लगभग 7.79 लाख कारीगरों को लाभ मिलेगा। योजना का उद्देश्य पारंपरिक कौशल का संरक्षण और आधुनिक आर्थिक अवसर प्रदान करना है, जिससे राज्य के कारीगरों की समृद्धि और रोजगार सुनिश्चित हो सके।