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Tamil Nadu Politics: बड़ा बदलाव, नए गठबंधन से सियासी हलचल तेज

 21 May 2026

Tamil Nadu Politics में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां अभिनेता से नेता बने C. Joseph Vijay के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार में कांग्रेस पार्टी शामिल होने जा रही है। यह कदम न केवल राज्य की सत्ता संरचना को बदल रहा है, बल्कि दक्षिण भारत में कांग्रेस की भूमिका को भी नए तरीके से परिभाषित कर रहा है। बताया जा रहा है कि 59 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस Tamil Nadu की किसी सरकार में औपचारिक रूप से साझेदार बनेगी।


इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राज्य की सियासत में नए गठबंधन और नए समीकरण तेजी से उभर रहे हैं। 234 सदस्यों वाली Tamil Nadu Assembly में TVK ने हाल ही में 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी और वह बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह गई थी। ऐसे में छोटे दलों और सहयोगी पार्टियों के समर्थन से सरकार गठन का रास्ता तैयार हुआ, जिसमें कांग्रेस ने अहम भूमिका निभाई, जिससे पूरे राज्य में तमिलनाडु की राजनीति का नया स्वरूप देखने को मिल रहा है।

Tamil Nadu Politics: कांग्रेस का सरकार में शामिल होने का फैसला 

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव K.C. Venugopal ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने दो विधायकों, Rajesh Kumar और P. Viswanathan, को TVK सरकार में मंत्री पद संभालने की अनुमति दे दी है। दोनों विधायक आज शपथ ग्रहण करेंगे और राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा बनेंगे।

कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यह फैसला राज्य की राजनीति में पार्टी की भूमिका को मजबूत करेगा। Venugopal ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि लगभग छह दशक बाद कांग्रेस किसी दक्षिण भारतीय राज्य की सरकार में शामिल हो रही है।

राज्यसभा सीट को लेकर भी बातचीत तेज 

DMK RajyaSabha Seatसरकार में शामिल होने के साथ ही कांग्रेस और TVK के बीच एक और महत्वपूर्ण राजनीतिक चर्चा चल रही है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस तमिलनाडु से राज्यसभा की एक सीट को लेकर TVK के साथ बातचीत कर रही है। यह सीट जल्द ही खाली होने वाली है क्योंकि द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के सांसद C.V. Shanmugam का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस सीट पर सत्ताधारी गठबंधन का दावा मजबूत माना जा रहा है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने संकेत दिया कि पार्टी इस सीट के लिए लगातार बातचीत कर रही है और एक प्रमुख नाम को संभावित उम्मीदवार के रूप में आगे रखा जा सकता है।

चुनावी गठबंधन और उसके बाद बदले समीकरण

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस, DMK के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) का हिस्सा थी। उस समय कांग्रेस को 28 सीटें दी गई थीं, जिनमें से पार्टी केवल 5 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई थी। जीतने वाले विधायकों में राजेश कुमार (किलियूर), पी. विश्वनाथन (मेलूर), थाराहाई कथबर्ट (कोलाचेल), प्रवीण टी.टी. (विलावन्कोड) और जमाल यूनुस मोहम्मद (मायिलादुथुराई) शामिल रहे।

हालांकि चुनाव के बाद स्थिति तेजी से बदल गई। कांग्रेस के एक धड़े ने सत्ता में सीधे भागीदारी की इच्छा जताई थी, यानी केवल समर्थन देने की बजाय सरकार में शामिल होने की मांग की गई थी। लेकिन DMK प्रमुख M.K. Stalin इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुए, जिसके बाद गठबंधन में तनाव बढ़ा।

DMK से अलग होकर TVK के साथ नया गठबंधन 

Vijay Cabinet Expansion: चुनाव परिणामों के तुरंत बाद कांग्रेस ने DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन से दूरी बना ली और TVK के साथ नया राजनीतिक समझौता कर लिया। इसके बाद TVK ने वामपंथी दलों, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) जैसे दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। 

इस नए गठबंधन ने राज्य की सत्ता समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया और TVK को सरकार गठन का अवसर मिला। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गठबंधन Tamil Nadu Politics में एक नए अध्याय की शुरुआत है, जो राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है।

सरकार की विचारधारा और सहयोगियों की भूमिका 

राज्य मंत्री Aadhav Arjun ने कहा है कि यह सरकार सभी गठबंधन दलों को साथ लेकर चलने के सिद्धांत पर काम करेगी। उन्होंने बताया कि वामपंथी दलों ने बाहर से समर्थन देने का निर्णय लिया है, जबकि IUML और VCK जैसे दल भी सरकार के साथ जुड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार Social Justice और Secularism की नीतियों पर मजबूती से काम करेगी।

Tamil Nadu Politics में यह घटनाक्रम एक बड़े बदलाव का संकेत है, जहां कांग्रेस ने लंबे समय बाद सत्ता में सीधी भागीदारी हासिल की है। TVK की नई सरकार और उसके साथ बने व्यापक गठबंधन ने राज्य की पारंपरिक राजनीतिक संरचना को चुनौती दी है। आने वाले समय में राज्यसभा सीट, मंत्रिमंडल विस्तार और गठबंधन की स्थिरता जैसे मुद्दे इस नई सरकार की दिशा तय करेंगे।

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