Article

Ashok Gehlot Statement: जोधपुर में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कमी

 19 May 2026

Ashok Gehlot Statementदेश में ईंधन संकट के बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राज्य सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। अशोक गहलोत ने दावा किया कि जोधपुर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सीमित मात्रा में की जा रही है, जबकि सरकार लगातार कह रही है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है।


Ashok Gehlot Statement: जोधपुर के पेट्रोल पंपों में भारी कमी 

LPG Supply Issueअशोक गहलोत ने बताया कि जोधपुर के लगभग 40 प्रतिशत पेट्रोल पंप पहले ही ड्राई हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल बिल्कुल उपलब्ध नहीं है, और जो उपलब्ध है, वह भी सीमित मात्रा में दिया जा रहा है। इस वजह से लोगों को पेट्रोल या डीजल लेने के लिए कई बार अलग-अलग पंपों पर जाना पड़ रहा है। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि जोधपुर से जयपुर तक की यात्रा के दौरान कई लोगों ने उन्हें बताया कि पेट्रोल पंप पर 1000 रुपये से अधिक का ईंधन नहीं दिया जा रहा। इसके अलावा, एलपीजी सिलेंडर कई दिनों तक उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।


सरकार पर जनता गुमराह करने का आरोप 

अशोक गहलोत ने कहा कि यह संकट का समय है, ऐसे में सरकार को जनता के सामने झूठ बोलने और भ्रमित करने की बजाय सच्चाई स्पष्ट रूप से बतानी चाहिए। उन्होंने चेताया कि अपुष्ट जानकारियों से अफवाहें फैलती हैं, जिससे जनता में भ्रम और उथल-पुथल की स्थिति पैदा होती है, यह विवरण Ashok Gehlot statement के रूप में सामने आया है।

गहलोत ने आगे कहा कि पेट्रोल पंप मालिकों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने मौखिक आदेश देकर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सीमित करने को कहा है। यही कारण है कि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और आम लोग परेशानी में हैं।

जनता की चिंता और प्रशासन की प्रतिक्रिया 

हालांकि, अब तक राज्य सरकार की ओर से गहलोत के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और ईंधन आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के प्रयास कर रहे हैं। 

जोधपुर सहित कई क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कमी को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है। विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है, जबकि आम जनता जल्द समाधान की उम्मीद कर रही है।

राजस्थान में ईंधन संकट का व्यापक प्रभाव

Rajasthan Fuel Crisis: विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कमी का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। ट्रकों और बसों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे माल ढुलाई और परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा, घरेलू जरूरतों के लिए एलपीजी की कमी सीधे तौर पर घरों की रसोई और खाना पकाने की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।

विपक्ष का दबाव और सरकार की जिम्मेदारी

अशोक गहलोत का बयान सरकार के लिए चुनौती पेश करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संकट के समय सच बोलना न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी है बल्कि जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए भी आवश्यक है। यदि सही जानकारी समय पर दी जाए, तो लोग वैकल्पिक इंतजाम कर सकते हैं और किसी बड़े संकट से बचा जा सकता है, यह जानकारी Ashok Gehlot Statement के अनुसार सामने आई है।

जोधपुर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी से उपभोक्ता और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है। अशोक गहलोत के आरोपों के बाद सरकार पर दबाव बढ़ा है कि वह स्थिति की वास्तविकता स्पष्ट करे और आपूर्ति सुनिश्चित करे। फिलहाल, प्रशासन प्रयास कर रहा है कि ईंधन आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे, लेकिन जनता और विपक्ष की चिंता बनी हुई है।

जोधपुर में 40% पेट्रोल पंप ड्राई, फ्यूल की लिमिट 1000 रुपये, एलपीजी की कमी, गहलोत का आरोप कि सरकार गुमराह कर रही है, और प्रशासन की अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं।

Read This Also:- Suvendu Adhikari की चेतावनी: बंगाल में अब हिंसा बर्दाश्त नहीं