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कांग्रेस ने Petrol-Diesel पर GST लागू करने की मांग की

 19 May 2026

Petrol-Diesel, GST: देश में बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने तत्काल प्रभाव से पेट्रोल और डीजल को GST (माल एवं सेवा कर) के दायरे में लाने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण आम जनता को भारी आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है और अगर पेट्रोलियम उत्पादों को GST में लाया जाए तो उपभोक्ताओं को काफी राहत मिल सकती है।


बीजेपी पर दोहरे मानदंड का आरोप 

Congress BJP Attackआलोक शर्मा ने भाजपा पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जब पेंसिल, कॉपी और दही जैसे सामान्य वस्तुओं पर GST लागू किया गया, तब केंद्र ने कांग्रेस शासित राज्यों से कोई राय नहीं ली। इसके विपरीत अब केंद्र और भाजपा शासित राज्यों के बहुमत का हवाला देकर कांग्रेस शासित राज्यों पर आलोचना की जा रही है। शर्मा ने इसे 'बीजेपी का दोहरा चरित्र' करार दिया। 

उन्होंने कहा, बीजेपी कांग्रेस शासित राज्यों पर आरोप लगाने से बचे, क्योंकि केंद्र और भाजपा शासित राज्यों को मिलाकर बीजेपी के पास बहुमत है। यह सिर्फ जनता को भ्रमित करने की राजनीति है।

महंगाई के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन

Petrol-Diesel, GST: कांग्रेस ने दिल्ली और अन्य राज्यों में बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किए। राजधानी दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ता पेट्रोल, डीजल और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ सड़कों पर उतरे। पार्टी नेताओं ने बैलगाड़ियों से विरोध जताया, जो न केवल एक प्रतीकात्मक संदेश था, बल्कि आम जनता को इस मुद्दे की गंभीरता से अवगत कराने का प्रयास भी था, साथ ही उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर GST लागू करने की मांग भी दोहराई।

अयोध्या में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटियों के नेतृत्व में कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय कमला नेहरू भवन पर इकट्ठा हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह और महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने किया।

महंगाई का आम जनता पर असर 

Petrol-Diesel, GSTकांग्रेस नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के कारण रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ रही हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है, इसी कारण कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल पर GST लागू करने की मांग भी उठाई है।

जिला कांग्रेस प्रवक्ता शीतला पाठक ने कहा, बीजेपी सरकार की नीतियों के कारण आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। केंद्र और राज्य सरकार आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी कर रही हैं। जनता को राहत देने की बजाय उनकी जेबें खाली की जा रही हैं। 

आलोक शर्मा ने विशेष रूप से यह भी कहा कि चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में वृद्धि कर आम जनता पर भारी बोझ डाला गया। उनका तर्क है कि अगर ये उत्पाद GST के दायरे में आते, तो उपभोक्ताओं को इस अचानक वृद्धि से राहत मिल सकती थी।

पेट्रोल-डीजल को GST में शामिल क्यों नहीं किया गया? 

कांग्रेस ने केंद्र से सवाल किया है कि यदि GST का उद्देश्य उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाना है, तो पेट्रोल और डीजल को इस दायरे में क्यों नहीं लाया गया। आलोक शर्मा का कहना है कि यह नीति केवल जनता को भ्रमित करने और राजनैतिक लाभ लेने की रणनीति है। उन्होंने दावा किया कि BJP की नीतियां दोहरे मानदंड पर आधारित हैं और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है।

कांग्रेस की मांग और सरकार पर दबाव

Fuel Tax Debateकांग्रेस का मानना है कि पेट्रोल, डीजल और गैस को GST में लाकर उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर ये उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस कदम से न केवल महंगाई में कमी आएगी बल्कि आम लोगों का जीवन स्तर भी सुधरेगा। आलोक शर्मा ने केंद्र से अपील की कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लें और तत्काल प्रभाव से उचित कदम उठाएं।

कांग्रेस की यह पहल महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर केंद्र सरकार को दबाव में लेने की कोशिश मानी जा रही है। भाजपा पर दोहरे मानदंड और GST के असमान उपयोग के आरोप ने इस मुद्दे को और तूल दिया है। अब यह देखना बाकी है कि सरकार कांग्रेस की मांग पर क्या प्रतिक्रिया देती है और जनता के हित में क्या कदम उठाती है।

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