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Kerala UDF Government: वीडी सतीशन बने नए मुख्यमंत्री

 18 May 2026

केरल में यूडीएफ की नई सरकार ने आज शपथ ग्रहण किया। राज्य के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री सतीशन के साथ कैबिनेट के अन्य 20 सदस्य भी शपथ ग्रहण कर चुके हैं। शपथ ग्रहण से पहले ही सतीशन ने अपनी नई कैबिनेट का ऐलान कर दिया था, जिसमें धार्मिक और जातिगत संतुलन बनाने की पूरी कोशिश की गई है। यह पूरी व्यवस्था Kerala UDF Government के तहत संचालित की जा रही है।


सतीशन की कैबिनेट में नए चेहरे और पहली बार के प्रतिनिधि 

V.D. Satheesan, Cabinetकेरल की 21 सदस्यीय कैबिनेट में 14 ऐसे मंत्री हैं जो पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं, जबकि अनुसूचित जाति (SC) से लंबे समय बाद दो नेताओं को मंत्री पद दिया गया है। कैबिनेट में कांग्रेस के 12, मुस्लिम लीग के 5 और अन्य चार सहयोगी दलों के एक-एक सदस्य शामिल हैं।

इस कैबिनेट में धार्मिक और सामाजिक संतुलन के लिए '9-6-6 फॉर्मूला' अपनाया गया है। हिंदू समुदाय से 9 मंत्री चुने गए हैं, जिसमें दो दलित हैं और चार नेता प्रमुख नैयर बिरादरी से आते हैं। मुख्यमंत्री सतीशन खुद भी इस प्रभावशाली सवर्ण नैयर समाज से हैं। अन्य हिंदू मंत्रियों में तीन एझवा (OBC) वर्ग से हैं, जिसमें एक महिला शामिल है।

मुस्लिम समुदाय से कुल 6 मंत्री बनाए गए हैं, जिनमें 5 मुस्लिम लीग और 1 कांग्रेस का प्रतिनिधि है। ईसाई समुदाय के लिए भी 6 मंत्री कैबिनेट में शामिल किए गए हैं।

कैबिनेट के अलावा अन्य प्रमुख पदों में भी संतुलन 

Caste Social Balanceकैबिनेट के अलावा, UDF सरकार में विधानसभा स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और चीफ व्हिप जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी ध्यान दिया गया है। स्पीकर का पद हिंदू नायर नेता को दिया गया है, जबकि डिप्टी स्पीकर के रूप में एक मुस्लिम महिला नेता और चीफ व्हिप के रूप में ईसाई नेता को नियुक्त किया गया है।

सहयोगी दलों का प्रतिनिधित्व
 

Kerala UDF Governmentकांग्रेस के अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), केरल कांग्रेस (जोसेफ) और CMP जैसे सहयोगी दलों के नेताओं को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है, जो केरल की यूडीएफ सरकार के हिस्से के रूप में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हैं। IUML से पांच मंत्री चुने गए हैं, जिनमें वरिष्ठ नेता पी. के. कुन्हालीकुट्टी, पी. के. बशीर, पी. के. शमशुद्दीन, के. जी. शाजी और एन. शमशुद्दीन शामिल हैं। 

इसके अतिरिक्त IUML के नेता पराक्कल अब्दुल्ला को ढाई साल बाद कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। यह योजना कैबिनेट में क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए बनाई गई है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी 

Kerala UDF Governmentकैबिनेट में कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया गया है। इनमें रमेश चेन्निथला, के. मुरलीधरन, सन्नी जोसेफ, A. P. अनिल कुमार, पी. सी. विष्णुनाथ, रोजी एम. जॉन, बिंदु कृष्ण, एम. लिजू, टी. सिद्दीकी, के. ए. तुलसी और ओ. जो. जनीश जैसे नाम शामिल हैं, जो केरल की यूडीएफ सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 

कांग्रेस के सबसे अधिक 11 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है। इस तरह, कांग्रेस ने कैबिनेट में अपनी राजनीतिक ताकत बनाए रखी है।

क्षेत्रीय संतुलन: उत्तरी जिलों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व

कैबिनेट में 6 उत्तरी जिलों से 8 नेताओं को शामिल किया गया है। हालांकि, कोझिकोड और कासरगोड से फिलहाल कोई मंत्री नहीं है। भविष्य में पराक्कल अब्दुल्ला को शामिल किए जाने के बाद कैबिनेट में इन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित होगा।

दलित प्रतिनिधित्व: लंबे इंतजार के बाद SC को अवसर 

सतीशन कैबिनेट में अनुसूचित जाति से दो नेताओं को मंत्री पद देने का फैसला किया गया। यह कदम खास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछली एलडीएफ सरकार में SC समुदाय से किसी को मंत्री नहीं बनाया गया था। इस तरह, लंबे समय बाद दलित समुदाय को सरकार में प्रतिनिधित्व मिला है।

नई सरकार का संदेश और राजनीतिक महत्व 

केरल में पिछले 6 दशकों के बाद कांग्रेस की अगुवाई में पूर्ण कैबिनेट शपथ ले रही है। मुख्यमंत्री सतीशन ने अपनी कैबिनेट में धार्मिक, जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन का पूरा ध्यान रखा है। महिलाओं, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समुदायों को प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ सशक्त और अनुभवी नेताओं को भी शामिल किया गया है।

इस नई कैबिनेट के गठन से यह संदेश जाता है कि सतीशन सरकार समाज के विभिन्न वर्गों का संतुलित प्रतिनिधित्व और समावेशी राजनीति सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी।

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