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Maharashtra Govt Action: अशोक खरात केस में सस्पेंशन
15 May 2026
Maharashtra Govt Action: महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल मचा चुके स्वयंभू बाबा अशोक खरात के विवाद अब राज्य की नौकरशाही तक पहुंच गए हैं। महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई में डिप्टी कलेक्टर अभिजीत भांडे-पाटिल को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई इस मामले में किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ पहली है।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच में भांडे-पाटिल के खरात से संबंध पाए गए हैं। उन्होंने कहा, प्रथम दृष्टया वह दोषी मालूम होते हैं। मैंने भांडे-पाटिल को निलंबित करने का फैसला लिया है। जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित रखा जाएगा।
Maharashtra Govt Action: आरोप और विवाद
Deputy Collector Suspended: अभिजीत भांडे-पाटिल पर आरोप हैं कि उन्होंने विवादित व्यक्ति अशोक खरात के साथ कथित वित्तीय लेन-देन और करीबी संबंध बनाए रखे। इसी आधार पर राज्य सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां खरात से जुड़े आर्थिक व्यवहार, संपर्कों और कथित नेटवर्क की विस्तार से जांच कर रही हैं। जांच के दौरान कुछ अन्य सरकारी अफसरों और प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
ED समेत कई एजेंसियों की जांच
Maharashtra Govt Action: स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें दुष्कर्म, यौन शोषण, अंधश्रद्धा फैलाना, जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग शामिल हैं। इन सभी आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) समेत कई एजेंसियां कर रही हैं, जो महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई के तहत हो रही है।
खरात को मार्च महीने में एक महिला द्वारा रेप का आरोप लगाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। जांच में कई बेनामी बैंक खातों से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ संदिग्ध भूमि सौदों का भी खुलासा हुआ।
भांडे-पाटिल की भूमिका
Abhijeet Bhande Patil: अभिजीत भांडे-पाटिल को मार्च में उनके मूल विभाग में वापस तैनात किया गया था। वर्तमान में वह मुंबई में झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात थे।
उन पर आरोप हैं कि उन्होंने खरात के आर्थिक नेटवर्क और गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रारंभिक जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित करने का फैसला किया।
नामकर्ण आवारे की गिरफ्तारी
Maharashtra Govt Action: इससे पहले नासिक में पुलिस ने खरात के करीबी सहयोगी नामकर्ण आवारे को गिरफ्तार किया था। आवारे सिन्नर तालुका सहकारी औद्योगिक संपदा (STICE) का अध्यक्ष भी है। वह खरात के ‘शिवानिका ट्रस्ट’ का सचिव भी रह चुका है, जो नासिक के सिन्नर तालुका स्थित मीरगांव में ईशान्येश्वर मंदिर के प्रशासन की देखरेख करता है, और यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई के तहत हुई।
पुलिस के अनुसार, आवारे के खिलाफ भी वित्तीय अनियमितताओं और खरात के नेटवर्क में भूमिका की जांच जारी है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल
अशोक खरात के विवाद ने महाराष्ट्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मचा दी है। सरकार की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि किसी भी अधिकारी को कानून और जांच के दायरे से बाहर नहीं रखा जाएगा।
राज्य सरकार और जांच एजेंसियों की नजर अब खरात के पूरे नेटवर्क पर है, जिसमें सरकारी अफसरों और प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका भी शामिल है। निलंबन और गिरफ्तारियां इस दिशा में पहला कदम मानी जा रही हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने डिप्टी कलेक्टर अभिजीत भांडे-पाटिल को निलंबित कर स्थिति को गंभीरता से लिया है। चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित रखा जाएगा, ताकि किसी भी तरह के दबाव या हेरफेर से बचा जा सके।
जांच एजेंसियों की सक्रिय भूमिका, गिरफ्तारियां और निलंबन यह संकेत देती हैं कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए गंभीर है। अशोक खरात और उनके नेटवर्क की पूरी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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