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NEET Paper Leak: जांच में पांच आरोपी CBI हिरासत में
15 May 2026
NEET Paper Leak: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर 14 मई को NEET परीक्षा को लेकर अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार, DG NTA अभिषेक सिंह, CBSE चेयरमैन राहुल सिंह, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय के अध्यक्ष मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी NEET परीक्षा को सुरक्षित और पूरी तरह लीक-प्रूफ बनाना था, ताकि भविष्य में NEET पेपर लीक की घटनाओं को रोका जा सके।
बैठक में यह विषय प्रमुखता से उठाया गया कि किन क्षेत्रों में सुधार कर परीक्षा प्रक्रिया की कमजोरियों को खत्म किया जा सके। शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्चा की कि कैसे छात्रों का भरोसा बहाल करते हुए परीक्षा निष्पक्ष रूप से आयोजित की जा सके।
दो बड़ी चुनौतियाँ: जल्दी परीक्षा और लीक-प्रूफ व्यवस्था
NEET Re Exam: सरकार के सामने फिलहाल दो बड़ी चुनौतियाँ हैं। पहली चुनौती यह है कि NEET परीक्षा को जल्द से जल्द दोबारा आयोजित किया जाए। दूसरी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा पूरी तरह से लीक-प्रूफ हो।
बैठक में अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना शून्य हो। सुरक्षा व्यवस्था को सबसे बड़ी चुनौती मानते हुए हर स्तर पर तैयारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की खामी नहीं बरती जाएगी और छात्रों की पढ़ाई व मेहनत को बचाने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।
NEET परीक्षा रद्द: 22 लाख उम्मीदवार प्रभावित
NEET Paper Leak: इस उच्चस्तरीय बैठक से पहले, 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द की गई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET पेपर लीक के आरोपों के चलते 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया। इस रद्दीकरण से देशभर में लगभग 22 लाख उम्मीदवार प्रभावित हुए।
परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, CBI इस मामले की जांच कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने पेपर लीक के आरोपों की गहन जांच शुरू कर दी है।
CBI की कार्रवाई: पांच आरोपी हिरासत में
NEET Paper Leak: राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET-UG पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को सात दिन की हिरासत में भेज दिया। CBI ने आरोपी मंगिलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार और यश यादव को कोर्ट में पेश किया। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने सभी पांच आरोपियों को CBI हिरासत में भेजने का आदेश दिया, ताकि NEET पेपर लीक मामले की जांच पूरी तरह से हो सके।
इस कार्रवाई का मकसद है कि पेपर लीक की घटना के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके और भविष्य में परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सुरक्षा और सुधार पर जोर
बैठक में अधिकारियों ने चर्चा की कि परीक्षा की सुरक्षा प्रणाली को कैसे मजबूत किया जाए। इसके तहत शामिल हैं:
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और जांच
पेपर वितरण प्रणाली में नई तकनीकों का उपयोग
परीक्षा के दौरान सभी डिजिटल और भौतिक माध्यमों पर नियंत्रण
सुरक्षा प्रशिक्षण और कर्मचारियों की निगरानी
शिक्षा मंत्रालय की प्राथमिकता यह है कि परीक्षा प्रक्रिया में कोई भी कमी न रह जाए और छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिले।
छात्रों का भरोसा बहाल करना मुख्य लक्ष्य
Leak Proof Strategy: धर्मेंद्र प्रधान ने बैठक में स्पष्ट किया कि इस बार परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ होगी। छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बहाल करना सरकार की प्राथमिकता है।
उच्च अधिकारियों ने कमजोर क्षेत्रों की पहचान की और सुझाव दिए कि कैसे इन क्षेत्रों में सुधार कर परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जा सके। इस दिशा में तकनीकी उपायों के साथ प्रशासनिक सतर्कता भी बढ़ाई जा रही है।
NEET परीक्षा को लेकर सरकार गंभीर है और इस बार किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा की सुरक्षा, समय पर आयोजन और छात्रों का भरोसा बहाल करना केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की प्राथमिकता है।
CBI की जांच जारी है और सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द निष्पक्ष, सुरक्षित और लीक-प्रूफ NEET परीक्षा कराई जाए, जिससे 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत बर्बाद न हो।
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