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NEET-UG 2026 पेपर लीक पर सियासत तेज, CBI जांच शुरू

 13 May 2026

NEET UG Leak: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। परीक्षा रद्द होने के बाद राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने राज्य की बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि NEET-UG पेपर लीक की जानकारी मिलने के बावजूद सरकार ने कई दिनों तक मामले को दबाने की कोशिश की।


पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि परीक्षा रद्द होना इस बात का संकेत है कि गड़बड़ी बेहद बड़े स्तर पर हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया और करीब दो सप्ताह तक पूरे मामले को छिपाने की कोशिश करती रही।

टीकाराम जूली का बीजेपी कनेक्शन वाला दावा 

BJP Leader Accused: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवांल बीजेपी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसी वजह से राज्य सरकार ने नौ दिनों तक एफआईआर दर्ज नहीं की और मामले को सार्वजनिक होने से रोके रखा।

जूली ने अपने पोस्ट में एक पोस्टर भी साझा किया, जिसमें दिनेश खुद को भारतीय जनता युवा मोर्चा, जयपुर देहात का जिला मंत्री बता रहा है। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। हालांकि बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सात राज्यों तक फैला पेपर लीक नेटवर्क 

NEET UG Leak: जांच एजेंसियों की शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि NEET-UG का पेपर लीक होने के बाद सात राज्यों तक पहुंच गया था। जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के नासिक से पेपर लीक हुआ और इसके बाद यह हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक गैंग तक पहुंचा। आरोप है कि इसी नेटवर्क ने अलग-अलग राज्यों में प्रश्नपत्र बेचने का काम किया।

राजस्थान में जयपुर जिले के जमवारामगढ़ क्षेत्र के दो भाइयों , दिनेश और मांगीलाल पर पेपर खरीदने का आरोप है। बताया जा रहा है कि दोनों ने करीब 30 लाख रुपये देकर पेपर हासिल किया। इसके बाद उन्होंने यह पेपर सीकर में अपने बेटों सहित अन्य लोगों तक पहुंचाया।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और परीक्षा से पहले कई छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाया गया।

NTA ने परीक्षा रद्द की, नई तारीख जल्द 

NEET UG Leak: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने की पुष्टि की है। एजेंसी ने कहा है कि नई परीक्षा तिथि की घोषणा अगले सात से दस दिनों के भीतर की जाएगी।

यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी। लेकिन NEET-UG का पेपर लीक की खबरें सामने आने के बाद पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी बढ़ने लगी। इसके बाद सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी।

छात्रों में नाराजगी, NTA की क्षमता पर उठे सवाल 

परीक्षा रद्द होने के फैसले ने लाखों छात्रों को प्रभावित किया है। कई मेडिकल अभ्यर्थियों ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मांग की कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा का आयोजन किसी अधिक विश्वसनीय संस्था, जैसे AIIMS, को सौंपा जाना चाहिए।

छात्रों का कहना है कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की घटनाओं से उनकी मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

CBI ने दर्ज किया मामला 

सीबीआई ने इस पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और सबूत मिटाने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत भी कार्रवाई शुरू की गई है।

जांच एजेंसी ने कई राज्यों में विशेष टीमें भेजी हैं और राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) से भी जानकारी और दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।

‘गेस पेपर’ में मिले 120 सवाल 

राजस्थान पुलिस के SOG ने दावा किया है कि परीक्षा से पहले छात्रों को जो कथित ‘गेस पेपर’ दिया गया था, उसमें लगभग 410 प्रश्न शामिल थे। इनमें से करीब 120 सवाल वास्तविक परीक्षा में पूछे गए।

इस खुलासे के बाद पेपर लीक के आरोप और मजबूत हो गए हैं। वहीं महाराष्ट्र के नासिक में भी पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

राजनीतिक आरोपों के बीच जांच पर नजर 

फिलहाल इस मामले ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही तीनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर कांग्रेस सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई हैं।

अब सभी की नजर सीबीआई जांच और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है, क्योंकि यह मामला सीधे लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।