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Rahul Gandhi ने पीएम मोदी की अपील पर जमकर हमला बोला
11 May 2026
Rahul Gandhi attack: मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव और खाड़ी संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम जनता से संयम बरतने की अपील की है। तेलंगाना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने जनता से पेट्रोल, डीजल और गैस का सीमित उपयोग करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने सोने की खरीद अगले एक साल के लिए स्थगित करने और घर से काम (WFH) को बढ़ावा देने की सलाह दी, इस प्रतिक्रिया पर राहुल गांधी का हमला हुआ।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ती कीमतों के चलते देश पर पड़ रहे विदेशी मुद्रा दबाव का जिक्र करते हुए कहा कि निजी वाहनों की बजाय मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए। माल ढुलाई के लिए रेलवे का उपयोग प्राथमिकता के साथ करने की भी उन्होंने अपील की।
राहुल गांधी का तीखा हमला
Rahul Gandhi attack: प्रधानमंत्री की इस अपील पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया X पर तीखा जवाब दिया, जिसे व्यापक रूप से राहुल गांधी का हमला कहा गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की अपील ‘उपदेश’ नहीं बल्कि पिछले 12 साल की सरकार की नाकामी के सबूत हैं। राहुल ने कहा, पीएम मोदी ने जनता से कहा कि सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने के तेल की खपत घटाओ, मेट्रो का इस्तेमाल करो और घर से काम करो। ये उनके उपदेश नहीं बल्कि विफलताओं का प्रमाण हैं।
राहुल ने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश को ऐसे मुकाम पर लाया गया है कि हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल दी जाती है, ताकि सरकार स्वयं जवाबदेही से बच सके। उन्होंने PM मोदी की शासनशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब देश चलाना ‘Compromised PM’ के बस की बात नहीं है।
पीएम की संयम और बचत की अपील के उद्देश्य
PM Modi appeal: प्रधानमंत्री मोदी की अपील का मुख्य उद्देश्य खाड़ी संकट और वैश्विक ऊर्जा दबाव के चलते देश की आर्थिक स्थिरता बनाए रखना था। उन्होंने जनता को पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल सोच-समझकर करने और ऊर्जा संसाधनों की बचत पर जोर देने के लिए कहा। इसके अलावा, सोने की खरीद अगले एक साल तक स्थगित करने की सलाह का मकसद देश में विदेशी मुद्रा की बचत करना था।
पीएम मोदी ने घर से काम और ऑनलाइन मीटिंग जैसे उपायों को फिर से अपनाने की भी सलाह दी। उनका कहना था कि इससे न केवल स्वास्थ्य और सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आर्थिक संसाधनों की बचत भी होगी।
जनता पर जिम्मेदारी डालने का आरोप
Rahul Gandhi attack: राहुल गांधी ने पीएम की अपील को जनता पर जिम्मेदारी डालने वाला कदम बताया। उनके अनुसार, सरकार ने पिछले 12 साल में जनता को यह बताना शुरू कर दिया है कि क्या खरीदे, क्या न खरीदे, कहां जाएं और कहां न जाएं। राहुल का यह भी कहना था कि इससे स्पष्ट होता है कि सरकार अपनी विफलताओं का ठीकरा जनता पर फेंक रही है, और इसी बयान को व्यापक रूप से राहुल गांधी का हमला माना गया।
उन्होंने कहा कि लोगों को यह बताने की आवश्यकता पड़ रही है कि उन्हें कैसे जीवनयापन करना है, यह उपदेश नहीं बल्कि विफलताओं के प्रमाण हैं। उनका तर्क था कि देश की वास्तविक चुनौतियों से ध्यान हटाने और जनता को संयम बरतने के निर्देश देना सरकार की कमजोरी को दिखाता है।
वित्तीय और ऊर्जा दबाव की पृष्ठभूमि
Middle East crisis: प्रधानमंत्री मोदी की अपील का एक अन्य प्रमुख कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ती ऊर्जा कीमतें हैं। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें विदेशी मुद्रा पर दबाव डाल रही हैं। पीएम ने कहा कि निजी वाहन कम चलाने और मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने से न केवल पैसे की बचत होगी, बल्कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं पर भी दबाव कम होगा।
सोने की खरीद पर रोक लगाने का उद्देश्य भी आर्थिक स्थिरता और विदेशी मुद्रा की बचत से जुड़ा था। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि निवेश और व्यक्तिगत खर्चों के मामले में संयम जरूरी है।
खाड़ी संकट और बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच पीएम मोदी की संयम और बचत की अपील का मकसद देश की आर्थिक स्थिरता और संसाधनों की सुरक्षा है। हालांकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे सरकार की विफलताओं का प्रमाण बताते हुए तीखा हमला किया। उनका मानना है कि जनता को यह बताने की जरूरत पड़ रही है कि क्या खरीदे और क्या न खरीदे, यह उपदेश नहीं बल्कि पिछले 12 साल की नाकामियों का प्रमाण है।
इस विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को हवा दी है, जहां एक ओर सरकार संयम और बचत की अपील कर रही है, वहीं विपक्ष इसे विफलताओं के सबूत के रूप में पेश कर रहा है।
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