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Nishant Kumar: स्वास्थ्य सुधार के लिए नए 11 पॉइंट मिशन
09 May 2026
Nishant Kumar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट में शामिल होते ही निशांत कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की बागडोर संभालते हुए अपनी नई पारी की शुरुआत जोरदार अंदाज में की है। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की और बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 11 पॉइंट का सख्त रोडमैप पेश किया।
निशांत कुमार ने बैठक के दौरान साफ तौर पर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने और मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करने के निर्देश दिए।
भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
निशांत कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विभाग में किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी बनाने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति सख्ती से लागू की जाएगी, यह कदम Nishant Kumar के नेतृत्व में उठाया गया है।
उनका मानना है कि केवल भ्रष्टाचार पर नियंत्रण ही नहीं, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों का भरोसा बढ़ाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और तकनीकी आधुनिकीकरण
Nishant Kumar: नए स्वास्थ्य मंत्री का जोर स्वास्थ्य विभाग के आधुनिकीकरण पर है। उन्होंने सभी मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने का निर्देश दिया है। इसमें एलोपैथी के साथ-साथ आयुष चिकित्सा पद्धति (आयुर्वेद, यूनानी आदि) के रिकॉर्ड को भी शामिल किया जाएगा। निशांत कुमार का लक्ष्य है कि मरीजों का पूरा स्वास्थ्य इतिहास सिर्फ एक क्लिक पर उपलब्ध हो।
ग्रामीण इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
Bihar Health Minister: बिहार के ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। निशांत कुमार ने इस समस्या के समाधान के लिए डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले चिकित्सकों को विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने मेडिकल कॉलेजों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक सभी रिक्त पदों को जल्द भरने का आदेश दिया।
पीएचईडी के साथ तालमेल, पानी से होने वाली बीमारियों पर वार
नए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार के कई जिलों में आर्सेनिक और आयरन युक्त अशुद्ध पानी से स्वास्थ्य संकट है। उन्होंने पीएचईडी विभाग के साथ समन्वय बढ़ाकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने और पानी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष कदम उठाने के निर्देश दिए। उनका मानना है कि अगर पानी साफ होगा, तो आधी बीमारियां स्वतः ही कम हो जाएंगी।
गंभीर बीमारियों का इलाज अब बिहार में
Bihar Action Plan: निशांत कुमार का विजन है कि बिहार के मरीजों को गंभीर बीमारियों, जैसे कैंसर, न्यूरोलॉजी या कार्डियोलॉजी के इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। इसके लिए जिला अस्पतालों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा और ट्रॉमा सेंटरों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाएगा।
साफ-सफाई और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऑपरेशन थिएटर और अन्य अस्पताल विभागों के लिए कड़े मानक तय किए गए हैं, ताकि इलाज सुरक्षित और प्रभावी हो।
11 पॉइंट हेल्थ मिशन
निशांत कुमार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के लिए जारी किए गए 11 प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:
जीरो टॉलरेंस की नीति – विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाना।
चिकित्सा डेटा का डिजिटलीकरण – सभी मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना।
आयुष रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन – आयुर्वेद, यूनानी आदि पद्धतियों को भी शामिल करना।
शुद्ध पेयजल और रोकथाम – पानी से होने वाली बीमारियों पर नियंत्रण।
मरीजों का फीडबैक – अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता पर मरीजों से नियमित फीडबैक लेना।
ट्रॉमा सेंटर का सुदृढ़ीकरण – दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में प्रभावी ट्रॉमा सेवाएं।
ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपस्थिति – नियमित ड्यूटी और प्रोत्साहन सुनिश्चित करना।
रिक्त पदों पर भर्ती – मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य केंद्रों में खाली पदों को भरना।
विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार – जिला अस्पतालों और CHC में विशेषज्ञों की तैनाती।
साफ-सफाई के मानक – अस्पतालों और ऑपरेशन थिएटर की स्वच्छता बनाए रखना।
बिहार के बाहर पलायन रोकना – स्वास्थ्य प्रणाली इतनी सुदृढ़ बनाना कि मरीजों को बाहर न जाना पड़े।
नीतीश कुमार की विरासत और सम्राट चौधरी का सहयोग
निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार किया है, जिसे अब वे नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ‘बड़ा भाई’ बताते हुए टीम भावना के साथ काम करने का संकल्प दोहराया।
निशांत कुमार की यह नई पहल बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव की उम्मीद जगाती है। उनके 11 पॉइंट मिशन और डिजिटल क्रांति से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और पहुंच दोनों बढ़ाने की संभावना है