VCK Left Support: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन बहुमत का आंकड़ा हासिल करने में चूक गई। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है, जबकि टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं। इसके बाद कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने से उनका आंकड़ा बढ़कर 113 हो गया है। इसके बावजूद विजय बहुमत से पांच सीटें दूर हैं, और यही वजह है कि उनके लिए सरकार बनाना चुनौतीपूर्ण स्थिति में है। अब उनकी राह वीसीके और वामपंथी दलों का समर्थन मिलने पर निर्भर है।
बंगाल और असम में जहां मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं तमिलनाडु में विजय का शपथ ग्रहण का कार्यक्रम अभी तक टला हुआ है। चार दिन के प्रयासों के बावजूद उन्हें बहुमत नहीं मिल पाया है।
राज्यपाल से मुलाकात और आवश्यक समर्थन
VCK Left Support: विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से भी मुलाकात की। इस दौरान राज्यपाल ने साफ कहा कि टीवीके के पास अकेले सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है। विजय ने अपने विकल्पों में वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल को शामिल किया है और उनसे समर्थन मांगा है, यानी उनकी सरकार अब वीसीके और वामपंथी दलों के समर्थन पर टिकी है।
राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि टीवीके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने से पहले उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि पार्टी के पास बहुमत है। इसी कारण, संबंधित दलों का रुख आज निर्णायक साबित होगा।
वामपंथी दलों और वीसीके के फैसले पर नजर
VCK Left Support: टीवीके की सरकार बनाने की राह में सबसे अहम भूमिका अब वामपंथी दलों और वीसीके की है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और वीसीके के पास कुल मिलाकर छह विधायक हैं। अगर ये सभी विजय को समर्थन देते हैं, तो उनका आंकड़ा 119 तक पहुँच जाएगा, जो बहुमत के लिए पर्याप्त होगा, और इस तरह उनकी सरकार वीसीके और वामपंथी दलों के समर्थन पर स्थिर होगी।
माकपा के प्रदेश सचिव शनमुगम ने कहा कि पार्टी स्थिति का मूल्यांकन करेगी और आठ मई को टीवीके के समर्थन के अनुरोध पर फैसला लिया जाएगा। वहीं, भाकपा के प्रदेश सचिव वीरपांडियन ने शुक्रवार को निर्णय लेने की संभावना जताई है।
वीसीके के प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की बैठक तभी होगी जब वामपंथी दलों का रुख स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सहयोगी दलों के समर्थन पर विचार करते हुए टीवीके को समर्थन देने या न देने का फैसला करेगी।
तीनों दलों की बैठकें और संभावित परिणाम
Tamil Nadu new CM race: विजय ने अपने मंत्रिमंडल में संभावित सहयोगियों को शामिल करने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। कांग्रेस, वामपंथी दल और वीसीके ने राज्यपाल के फैसले की आलोचना की है, क्योंकि उन्होंने टीवीके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया। माकपा के महासचिव एम. ए. बेबी ने भी राज्यपाल से अपील की कि लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए टीवीके को सरकार बनाने का अवसर दिया जाए, क्योंकि यह त्रिशंकु विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है।
अगर आज होने वाली बैठक में ये तीनों दल विजय को समर्थन देते हैं, तो अभिनेता-राजनेता के लिए रास्ता साफ हो जाएगा और वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में होंगे। वहीं, अगर कोई दल समर्थन देने से पीछे हटता है, तो टीवीके को फिर से विकल्प तलाशने पड़ेंगे।
राजनीतिक समीकरण और आगे की राह
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में अब राजनीतिक दृष्टि से सबसे रोमांचक समय चल रहा है। टीवीके के 108 और कांग्रेस के पांच विधायकों के साथ कुल 113 विधायकों के समर्थन से विजय के पास अभी भी बहुमत नहीं है। वाम और वीसीके के समर्थन पर निर्भर करता है कि वह सरकार बना पाएंगे या नहीं।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, तीनों दलों के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राज्य में नई सरकार का नेतृत्व कौन करेगा। राज्यपाल की भूमिका भी इस प्रक्रिया में निर्णायक है, क्योंकि त्रिशंकु विधानसभा में बहुमत साबित करना अनिवार्य है।
विजय की पार्टी ने जनता का भारी समर्थन प्राप्त किया है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से पांच सीटें कम होने के कारण उन्हें अब सहयोगी दलों पर निर्भर होना पड़ेगा। आज होने वाली बैठक में वामपंथी दल और वीसीके का फैसला उनके लिए निर्णायक होगा। यदि सभी समर्थन देते हैं, तो विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार होंगे; अन्यथा राजनीतिक जटिलताओं के बीच नए समीकरणों की आवश्यकता पड़ेगी।
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