Bhagwant Mann statement: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक आध्यात्मिक और धार्मिक पहल के तहत ‘शुक्राना यात्रा’ की शुरुआत की। इस यात्रा का शुभारंभ उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब के पवित्र स्थल के बाद तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर किया। इसके बाद वे 9 मई तक राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों, तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में जाकर नतमस्तक होंगे। इस दौरान भगवंत मान का बयान भी सामने आया जिसमें उन्होंने यात्रा के उद्देश्य को आस्था और कृतज्ञता से जुड़ा बताया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह पूरी यात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि परमात्मा का धन्यवाद करने के लिए है। उन्होंने बताया कि यह आभार उस ऐतिहासिक कार्य के लिए व्यक्त किया जा रहा है, जिसमें सरकार को गुरु साहिब की कृपा से बेअदबी के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाने का अवसर मिला।
गुरु साहिब की कृपा से मिली सेवा
Bhagwant Mann statement: तख्त श्री केसगढ़ साहिब में अरदास करने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भावनात्मक रूप से कहा कि यह यात्रा उस दिव्य शक्ति के प्रति आभार है जिसने उन्हें मानवता की सेवा का अवसर दिया। उनके साथ कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी मौजूद रहे। इस मौके पर भगवंत मान का बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने इसे आस्था से जुड़ी पहल बताया।
मान ने कहा कि जिस पवित्र धरती पर खालसा पंथ का जन्म हुआ, वहीं से इस ‘शुक्राना यात्रा’ की शुरुआत करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि बेअदबी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाना एक पवित्र जिम्मेदारी थी, जो उन्हें गुरु साहिब की कृपा से मिली।
बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून का जिक्र
Bhagwant Mann statement: मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में लागू किया गया ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026’ समाज की एक लंबे समय से चली आ रही मांग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य केवल धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है। इस दौरान भगवंत मान का बयान भी सामने आया जिसमें उन्होंने इसे जनभावनाओं के अनुरूप और आवश्यक कदम बताया।
उनके अनुसार, बेअदबी की घटनाएं किसी गहरी साजिश का हिस्सा रही हैं, जिनका उद्देश्य पंजाब की शांति और भाईचारे को नुकसान पहुंचाना था। नया कानून इस तरह के अपराधों के खिलाफ एक मजबूत ढाल का काम करेगा और दोषियों को सख्त सजा सुनिश्चित करेगा।
मान का आध्यात्मिक संदेश
Punjab CM remarks: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह स्वयं को इस कार्य का वास्तविक कर्ता नहीं मानते, बल्कि गुरु साहिब द्वारा चुना गया एक माध्यम मानते हैं। उनके अनुसार, परमात्मा जब किसी को सेवा के लिए चुनता है, तभी ऐसी जिम्मेदारियां मिलती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून को लागू करना उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि गुरु साहिब की इच्छा का परिणाम है।
पवित्र शहरों के विकास का ऐलान
Political yatra Punjab: शुक्राना यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिख धर्म के पांच तख्तों में से तीन, श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) पंजाब में स्थित हैं।
इन्हीं धार्मिक और ऐतिहासिक शहरों के महत्व को देखते हुए सरकार ने इन्हें पवित्र शहर का दर्जा दिया है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इन शहरों के समग्र विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
‘सर्बत्त के भला’ के लिए निरंतर अरदास
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि पंजाब की शांति, एकता और ‘सर्बत्त के भला’ की भावना को मजबूत करने के लिए उनकी अरदास जारी रहेगी। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार का उद्देश्य केवल जनसेवा और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है, न कि किसी प्रकार की राजनीतिक छवि निर्माण।
इस तरह ‘शुक्राना यात्रा’ केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, आभार और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर सामने आई है, जिसमें सरकार ने आध्यात्मिक भावनाओं और प्रशासनिक निर्णयों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया है।