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Chandigarh bomb blasts: सुरक्षा और राजनीति का संकट बढ़ा

 07 May 2026

Chandigarh bomb blastsपंजाब के जालंधर और अमृतसर में मंगलवार रात हुए दोहरे बम धमाकों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में बम धमाकों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया, जिस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कड़ा पलटवार किया।


भगवंत मान का बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया


Chandigarh bomb blastsपंजाब में जालंधर के बीएसएफ मुख्यालय और अमृतसर के खासा क्षेत्र में सेना छावनी के पास हुए बम धमाके किसी तरह की बड़ी हानि या घायल होने की सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद, मुख्यमंत्री मान ने चंडीगढ़ में बम धमाकों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी इसी तरह से कर रही है।

मान के इस बयान के बाद पंजाब और हरियाणा के भाजपा नेताओं ने उनसे स्पष्ट सबूत मांगने या इस्तीफा देने की चुनौती पेश की।

हरियाणा के मुख्यमंत्री का तीखा हमला

Chandigarh bomb blastsइस पर प्रतिक्रिया देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मान के बयान को मानसिक संतुलन खो देने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि जालंधर और अमृतसर के धमाके पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय हैं। सैनी ने यह भी जोड़ा कि जबकि पंजाब के डीजीपी ने इन धमाकों के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका का हवाला दिया है, मुख्यमंत्री मान राजनीतिक लाभ के लिए गैरजिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं, और इसी सिलसिले में चंडीगढ़ में बम धमाके भी सामने आए हैं।

सैनी ने अपने एक्स (X/Twitter) पोस्ट में लिखा, भगवंत मान का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। पंजाब की जनता आपके गैरजिम्मेदार रवैये को समझती है और समय आने पर जवाब देगी।

राजनीतिक बयानों का चुनावी परिप्रेक्ष्य

Bhagwant Mann statementहरियाणा के सीएम ने भाजपा की भूमिका पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि भाजपा हमेशा देश की सुरक्षा, स्थिरता और सुशासन को सर्वोपरि मानती रही है और भविष्य में भी इसी दिशा में काम करती रहेगी।

सैनी के बयान के बाद, हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने भी मान की आलोचना की। विज ने कहा कि भगवंत मान ने गैरजिम्मेदाराना बयान दिया है और उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा पंजाब में मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी।

पंजाब की सुरक्षा और राजनीतिक विवाद 

Punjab blast controversyपंजाब में हुए इन धमाकों को लेकर पुलिस ने फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं दी है, लेकिन दोनों घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। जालंधर और अमृतसर दोनों ही शहरों में सेना और बीएसएफ के मुख्यालय के पास हुई ये घटनाएं राज्य और केंद्र की सुरक्षा के लिए गंभीर अलर्ट का संकेत हैं।

इस बीच, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाले पंजाब में हुए इन धमाकों के लिए भाजपा को दोषी ठहराना और हरियाणा की तरफ से उस पर पलटवार करना इस मामले को राष्ट्रीय स्तर का विवाद बना रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों और डीजीपी की तरफ से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका का हवाला देने के बीच, राजनीतिक बयानबाजी ने इस मुद्दे को और बढ़ा दिया है। पंजाब और हरियाणा के नेताओं के बीच इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से यह स्पष्ट है कि सुरक्षा और राजनीति का संगम इस समय विवाद का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

भविष्य में पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ऐसे बयान राजनीतिक रंग भी ले सकते हैं। वहीं आम जनता के लिए यह घटनाएं सुरक्षा और स्थिरता की चिंता को बढ़ा रही हैं।

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