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LPG cylinder price hike: छोटे और बड़े दोनों प्रभावित

 02 May 2026

हाल ही में पेट्रोलियम बाजार में उठे वैश्विक तनाव के असर से एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े हैं; न केवल कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े हैं, बल्कि छोटे 5 किलो वाले गैस सिलेंडर, जिन्हें आमतौर पर ‘छोटू सिलेंडर’ कहा जाता है, की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है। राजधानी लखनऊ में इस सिलेंडर की कीमत अब 885.50 रुपये हो गई है, जो पिछले दाम से 261 रुपये अधिक है। उल्लेखनीय है कि अब यह घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14.2 किलो वाला) के 913 रुपये के दाम से महज 31 रुपये कम पर उपलब्ध है, यह पूरी स्थिति LPG cylinder price hike को दर्शाती है।


LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि

इससे पहले ही सरकारी तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में बड़ी बढ़ोतरी की थी, जिससे एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े हैं। अब इसका दाम 3,194 रुपये तक पहुँच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण एलपीजी (LPG) संकट गहराया है, जिससे तेल कंपनियों को मूल्य समायोजन करना पड़ा। यह पूरी स्थिति सीधे तौर पर LPG cylinder price hike को प्रदर्शित करती है।

छोटे सिलेंडर का समाजिक असर 

LPG cylinder price hike: सरकार ने छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर को विशेष रूप से श्रमिक और छात्रों के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से पेश किया था, और आमतौर पर इसका इस्तेमाल कम खर्च में खाना बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन हाल ही में कीमतों में यह उछाल सीधे इन वर्गों को प्रभावित करता है, जो स्पष्ट रूप से एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े को दर्शाता है।

छात्रों के लिए: शहरों में पढ़ाई कर रहे छात्र, जो किराए के कमरों में रहते हैं, अब रसोई गैस की बजाए छोटे सिलेंडर पर निर्भर रहते हैं। कीमत बढ़ने से उनके लिए दैनिक खर्च बढ़ जाएगा।
मजदूरों के लिए: निर्माण कार्यों में लगे मजदूर और छोटी दुकानों के लिए रसोई गैस का खर्च बढ़ना सीधे आर्थिक बोझ में परिवर्तित होता है।

प्रति किलोग्राम कीमत में अंतर 

5kg LPG price increase: 5 किलो वाले छोटू सिलेंडर की प्रति किलोग्राम कीमत अब लगभग 176.40 रुपये हो गई है, जबकि 14.2 किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर का प्रति किलोग्राम भाव 64.29 रुपये के आसपास है। इसका मतलब यह है कि छोटे सिलेंडर का मूल्य प्रति यूनिट तीन गुना अधिक है। 

विशेषज्ञ बताते हैं कि यह स्थिति समाज के निचले और मध्यम वर्ग के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह आम लोगों के रोज़मर्रा के खर्च को सीधे प्रभावित करता है।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें

Gas cylinder rate surge: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने हाल ही में कहा कि जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती हैं, तो किसी भी देश को इससे अछूता रहना संभव नहीं है। वर्तमान में तेल कंपनियां घरेलू बाजार में भारी नुकसान झेल रही हैं। सूत्रों के अनुसार, एलपीजी के बाद अब पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार कीमतें बढ़ीं, तो प्रति लीटर पेट्रोल और डीज़ल के दाम में 25 से 28 रुपये तक का इजाफा संभव है।

छोटा सिलेंडर महंगा, उपयोगिता बरकरार

हालांकि छोटू सिलेंडर महंगा हो गया है, फिर भी यह शहरों में छोटे परिवारों, किरायेदारों और छात्रों के लिए रसोई गैस का एक विकल्प बना हुआ है। सरकारी नीतियों का उद्देश्य इसे सुलभ बनाना था, लेकिन वैश्विक बाजार के दबाव ने इसे महंगा कर दिया है।

इस बदलाव के बाद घरेलू रसोई गैस और छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर के बीच कीमत का अंतर मात्र 31 रुपये रह गया है। यह दर्शाता है कि छोटे सिलेंडर, जो पहले किफायती विकल्प माना जाता था, अब भीड़भाड़ वाले शहरों में महंगे विकल्प में बदल रहा है। सरकार और तेल कंपनियों के लिए यह चुनौती है कि एलपीजी संकट और वैश्विक तेल कीमतों के प्रभाव को नियंत्रण में लाया जाए। 

छोटू सिलेंडर की बढ़ती कीमत और आने वाले पेट्रोल-डीजल के दाम की संभावना ने आम आदमी की जेब पर बड़ा दबाव डाल दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जरूरतमंदों और छात्रों को राहत देने के लिए कोई नीति बदलाव या सब्सिडी प्रणाली जरूरी हो सकती है।