पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के लिए 142 विधानसभा सीटों पर बुधवार को मतदान शुरू हो गया, और इस बीच अभिषेक बनर्जी का चुनाव आयोग पर तंज भी देखने को मिला, जबकि राज्य में चुनाव आयोग ने मतदान को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। आठ जिलों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की 2,321 कंपनियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा मतदान पर्यवेक्षकों की भी बड़ी संख्या को लगाया गया है, अंत में Abhishek Banerjee taunt भी सामने आया।
मतदाता सुबह से ही पोलिंग बूथों पर लंबी कतारों में दिखाई दिए। कोलकाता उत्तर और दक्षिण, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। कुल मिलाकर इस चरण में 3.21 करोड़ पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिसमें 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए 41,001 पोलिंग बूथ लगाए गए हैं।
सुरक्षा के साथ-साथ चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। राजधानी कोलकाता में सबसे अधिक, 273 कंपनियां तैनात की गई हैं।
Abhishek Banerjee का चुनाव आयोग पर तंज
Abhishek Banerjee taunt: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग की सुरक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, बंगाल में बस राफेल डिप्लॉय करना ही बाकी रह गया था। आईएनएस के वॉरशिप भी तैनात करना बाकी था। चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने इतनी भारी फोर्स उतार दी है कि पाकिस्तान या बांग्लादेश के खिलाफ जो तैनाती करनी चाहिए थी, वही यहां की जनता के लिए कर दी गई, यह सब अभिषेक बनर्जी का चुनाव आयोग पर तंज मारा।
अभिषेक ने आगे कहा, ज्ञानेश कुमार, आप जिसे उतारना चाहते हैं उतार लो। हमारी पार्टी भारी मतों से चुनाव जीतेगी और 2021 की तुलना में अधिक सीटें हासिल करेगी।
उनका यह बयान टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव को और बढ़ाता दिख रहा है।
भवानीपुर में खास मुकाबला
Abhishek Banerjee taunt: इस चरण का सबसे अहम मुकाबला भवानीपुर विधानसभा सीट पर है। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। पहले चरण के चुनाव में TMC ने इन 142 सीटों में 123 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि बीजेपी के खाते में केवल 18 सीटें आई थीं। इसके अलावा इंडियन सेकुलर फ्रंट (ISF) को एक सीट मिली थी, और इस बीच अभिषेक बनर्जी का चुनाव आयोग पर तंज भी सामने आया।
भवानीपुर में मतदान को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, बाहर से इतने सारे पर्यवेक्षक आए हैं। भाजपा जो कुछ भी कहती है, वही कर रही है। हमारे पोस्टर हटा दिए गए हैं। चुनाव इसी तरह नहीं होने चाहिए। वोट तो वोटर डालेंगे, न कि पुलिस या सुरक्षा बल।
पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान
Security political attack: पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था। इस चरण में रिकॉर्ड 93.19% मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य में अब तक का सबसे अधिक प्रतिशत है। इससे यह संकेत मिलता है कि पश्चिम बंगाल की जनता मतदान में काफी सक्रिय है।
चुनाव आयोग ने इस चरण में मतदान को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया है। केंद्रीय बलों के साथ-साथ विभिन्न पर्यवेक्षकों की तैनाती का मकसद चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितताओं को रोकना है।
टीएमसी नाराजगी पर सुरक्षा तैनाती
Bengal phase voting: TMC ने चुनाव में भारी सुरक्षा तैनाती को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि सुरक्षा बलों और पर्यवेक्षकों की इतनी बड़ी संख्या तैनात करने की आवश्यकता नहीं थी। अभिषेक बनर्जी ने इसे लेकर मजाकिया अंदाज में कटाक्ष किया, जबकि ममता बनर्जी ने इसे वोटरों पर दबाव डालने की कोशिश बताया।
चुनाव के इस चरण में राजनीतिक गर्मी और सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था के बीच मतदाता सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। यह चरण पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में इस चुनावी चरण में सुरक्षा और निगरानी के सख्त इंतजाम, TMC का आत्मविश्वास और विरोधी दलों के बीच प्रतिस्पर्धा ने माहौल को काफी गर्म कर दिया है। मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितताओं से बचने के लिए आयोग ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं, जबकि नेताओं के बयान चुनावी राजनीति की धार को और बढ़ा रहे हैं।