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Bengal election 2026: 142 सीटों पर निर्णायक मुकाबला

 29 Apr 2026

Bengal Election 2026 के दूसरे और अंतिम चरण में आज राज्य की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। इस चरण में कुल 3.21 करोड़ मतदाता अपनी पसंद का उम्मीदवार चुनेंगे। कुल 1,448 प्रत्याशी इस चरण में अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं। चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और इस बार 41,001 मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी, साथ ही हर केंद्र पर वेबकास्टिंग भी की जाएगी।


बंगाल चुनाव 2026 

राज्य में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सात जिलों में केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियों को तैनात किया गया है। कोलकाता में सबसे अधिक 273 कंपनियों की तैनाती की गई है। और Bengal Election 2026 में 142 जनरल ऑब्जर्वर, 95 पुलिस ऑब्जर्वर और 100 खर्च ऑब्जर्वर मतदान प्रक्रिया पर निगरानी रख रहे हैं। ड्रोन कैमरों से भी चुनावी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

हाई-प्रोफाइल मुकाबला

Phase two voting: इस चरण का सबसे प्रमुख और ध्यान आकर्षित करने वाला मुकाबला भवानीपुर सीट पर है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee यहां से चुनाव लड़ रही हैं, जबकि उनका मुकाबला बीजेपी के Suvendu Adhikari से है। भवानीपुर, कोलकाता के आठ वार्डों में फैली सीट है, जिसे अक्सर मिनी इंडिया कहा जाता है, क्योंकि यहां विभिन्न समुदायों बंगाली, गुजराती, मारवाड़ी, जैन, सिख, मुस्लिम और बिहार-झारखंड से आए प्रवासी  की आबादी रहती है।

अन्य महत्वपूर्ण सीटें 

BJP TMC contest: दूसरे चरण में टीएमसी और बीजेपी के बीच कई कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। कोलकाता पोर्ट: फिरहाद हकीम (TMC) बनाम राकेश सिंह (BJP) जादवपुर: देबब्रत मजूमदार (TMC) बनाम सरबोरी मुखर्जी (बीजेपी) हावड़ा उत्तर, मध्य और दक्षिण में भी प्रमुख मुकाबले चल रहे हैं। भांगड़ सीट में सबसे अधिक 19 उम्मीदवार हैं, जबकि गोघाट में केवल पांच उम्मीदवार हैं।

TMC और BJP की स्थिति 

2021 में इस चरण की 142 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस ने 123 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी 18 और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) को केवल एक सीट मिली थी। अब सवाल यह है कि क्या टीएमसी दक्षिण बंगाल में अपना प्रभुत्व बनाए रख पाएगी या बीजेपी सत्ता में सेंध लगाएगी।

मतदान की जानकारी 

इस चरण में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.64 करोड़ है, महिलाएं 1.57 करोड़ और थर्ड जेंडर मतदाता 792 हैं। राज्य के सात जिलों में चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इस दूसरे चरण के नतीजे न केवल सीटों की गणना तय करेंगे बल्कि बंगाल की राजनीति में अगले पांच साल की दिशा भी निर्धारित करेंगे।