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राजस्थान में बीजेपी का हमला, पायलट की निष्ठा पर सवाल
28 Apr 2026
Rajasthan BJP attack दिखाई दिया जब बीजेपी के प्रदेश प्रभारी Radha Mohan Das Agarwal ने कांग्रेस नेता Sachin Pilot पर हमला बोलते हुए उनकी राजनीतिक निष्ठा पर सवाल उठाए। टोंक में आयोजित कार्यक्रम में अग्रवाल ने कहा कि पायलट का एक पैर कांग्रेस में है और दूसरा कहीं और। उन्होंने पायलट को धोखेबाज बताते हुए कहा कि न तो वे अपनी पार्टी के प्रति, न मुख्यमंत्री के प्रति, न ही पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति पूरी तरह वफादार हैं।
अग्रवाल ने टोंक विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय से बीजेपी का गढ़ रहा है, और राजस्थान में बीजेपी का हमला सचिन पायलट की बाहरी उपस्थिति को लेकर सामने आया। उन्होंने पायलट की तुलना खुद से करते हुए कहा कि वे भी उत्तर प्रदेश से हैं और राजस्थान प्रभारी हैं, लेकिन उन्होंने यहां विधायक बनने का सपना नहीं देखा।
राजस्थान में BJP का हमला
Radha Mohan Agarwal: BJP नेता ने सवाल उठाया कि पायलट की वफादारी किसके प्रति है और यह भी कहा कि उनकी पार्टी अध्यक्ष की टिप्पणी के मुताबिक, अगले विधानसभा चुनाव में टोंक से बीजेपी उम्मीदवार की जीत तय है। उनका इशारा पायलट की अस्थिर राजनीतिक स्थिति की ओर था।
पायलट का समर्थन किया
Sachin Pilot loyalty: वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने पायलट का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट पूरी तरह कांग्रेस के साथ हैं और उनके दोनों पैर पार्टी में मजबूती से जमे हुए हैं। गहलोत ने बताया कि पायलट ने 2020 की बगावत से सबक लिया है और अब पार्टी के साथ एकजुट हैं।
गहलोत ने कहा, पायलट अब ऐसी गलतियां नहीं करेंगे और हमें छोड़कर नहीं जाएंगे। पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी है। उनके इस बयान से कांग्रेस में पायलट के प्रति विश्वास को दोहराया गया।
बीजेपी से माफी की मांग
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अग्रवाल के बयान को अशोभनीय और असभ्य करार दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत हमले नहीं होने चाहिए। उन्होंने बीजेपी नेताओं से संयम बरतने और अग्रवाल से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी बीजेपी की आलोचना की और आरोप लगाया कि पार्टी मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय व्यक्तिगत हमलों में लगी है। उनका कहना था कि यह अपमान की राजनीति है और पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है।
पायलट की पिछली बगावत
सचिन पायलट ने 2020 में 18 कांग्रेस विधायकों के साथ अशोक गहलोत के नेतृत्व के खिलाफ बगावत की थी, जिससे राजस्थान में राजनीतिक संकट उत्पन्न हुआ था। उस समय पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप से स्थिति को संभाला गया था। गहलोत ने तब आरोप लगाया था कि यह बीजेपी की साजिश का हिस्सा था, जिसमें पायलट और अन्य विधायकों का इस्तेमाल मोहरे की तरह किया गया।
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