विधानसभा के विशेष सत्र में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज किया और उनके उत्थान में बाधा डाली। उन्होंने विशेष रूप से यह दावा किया कि कांग्रेस की महिला प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं के अधिकारों को दबाने का काम किया। CM मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा कि आज का सत्र न केवल महिलाओं के अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस की पिछली नकारात्मक नीतियों पर भी ध्यान आकर्षित करता है।
CM मोहन का विपक्ष पर हमला
CM Mohan Yadav ने विपक्ष पर तीखा हमला किया और बताया कि मध्यप्रदेश महिलाओं के सशक्तिकरण का मॉडल बन चुका है। राज्य में स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण, 17 जिलों में महिला कलेक्टर, और विधानसभा तथा मंत्रिमंडल में महिलाओं की उपस्थिति इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए सरकार ने शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के जरिए विशेष अवसर दिए हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 53 लाख से अधिक बेटियों को लाभ पहुंचाया गया है।
33 प्रतिशत आरक्षण विधेयक पारित
Women reservation bill के लागू होने की घोषणा करते हुए CM बोले कि विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लागू होने के बाद लोकसभा में महिलाओं की संख्या बढ़कर 243 हो जाएगी और मध्यप्रदेश में भी विधानसभा में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण दोगुना से अधिक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं के राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सुरक्षा और रोजगार पर विशेष ध्यान
CM ने नारी शक्ति वंदन के तहत कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रदेश में 57 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं और 8 नए स्थापित किए जाएंगे। पुलिस विभाग में महिलाओं की भर्ती बढ़ रही है और दुष्कर्म के मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। 10 लाख से अधिक महिलाएं MSME सेक्टर से जुड़ी हैं और विद्युत विभाग में 50 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल चुका है।
सामाजिक सशक्तिकरण के लिए पहल
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की योजनाओं का उल्लेख किया। उज्ज्वला, सुकन्या समृद्धि, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जनधन योजना जैसी पहलों के जरिए महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब ड्रोन दीदी, बैंक सखी और स्टार्टअप लीडर के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।