मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बना रही है और कृषक कल्याण वर्ष-2026 में भूमि अधिग्रहण में संशोधन के तहत छोटे और मझौले किसानों के साथ-साथ बड़े किसानों के हित में भी निरंतर कदम उठा रही है। गेहूं उपार्जन के मामले में सरकार ने छोटे किसानों को प्राथमिकता दी है और उन्हें बोनस भी दिया जा रहा है। पिछले साल का गेहूं अब भी वेयरहाउस में सुरक्षित है, और इस वर्ष गेहूं उत्पादन बढ़ा है।
भूमि अधिग्रहण में संशोधन
मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद की बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कहा कि कृषि भूमि के अधिग्रहण पर अब किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा और यह कदम भूमि अधिग्रहण में संशोधन के तहत लिया गया है। मध्यप्रदेश भू-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन नियम, 2015 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मल्टीप्लीकेशन फैक्टर को 1.0 से बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है। इस बदलाव से किसानों को अपनी जमीन छोड़ने के लिए अधिक लाभ मिलेगा और वे नई जमीन खरीदने में आसानी अनुभव करेंगे।
परियोजनाओं में तेजी
डॉ. यादव ने कहा कि इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में तेजी आएगी और किसानों को मुआवजा लाभ तथा नया भूमि कानून के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहित कृषि भूमि के बदले किसानों को मिलने वाला अधिक मुआवजा उनके आर्थिक स्तर में सुधार करेगा। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों में गति आएगी, जिससे समग्र अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
मेट्रोपोलिटन शहर
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश मेट्रोपोलिटन शहर के विकास की ओर बढ़ रहा है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण आवश्यक है। पिछले तीन वर्षों में 55,000 से अधिक किसानों को विभिन्न परियोजनाओं के तहत लगभग 16,000 करोड़ रुपए मुआवजा दिया गया। अब राज्य सरकार ने मुआवजा राशि सालाना आधार पर बढ़ाकर करीब 20,000 करोड़ रुपए कर दिया है।
लाड़ली बहना योजना
डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ा दी गई है और राज्य सरकार महिलाओं और किसानों के कल्याण के लिए अपने वादों को पूरा करने की दिशा में अग्रसर है। किसी भी योजना को बंद करने के दुष्प्रचार गलत साबित हुए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। नीति आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी वित्तीय प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को लागू किया जा रहा है।