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प्रियंका चतुर्वेदी ने पप्पू यादव के बयान पर जमकर किया हमला

 22 Apr 2026

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में राजनीति में महिलाओं की भूमिका को लेकर एक बेहद विवादित बयान दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई और इस पर प्रियंका चतुर्वेदी का हमला भी सामने आया, जिन्होंने बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने दावा किया कि आज के समय में अधिकांश महिलाएं राजनीति में किसी पुरुष राजनेता के साथ संबंध बनाए बिना प्रवेश नहीं कर सकतीं। इस बयान ने कई महिला नेताओं और राजनीतिक दलों का गुस्सा भड़काया।


प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा हमला

शिवसेना की पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने पप्पू यादव के बयान की सोशल मीडिया पर कड़ी निंदा की और इसे प्रियंका चतुर्वेदी का हमला बताते हुए कहा कि यह टिप्पणी शर्मनाक, घिनौनी और समाज में महिलाओं की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली है। चतुर्वेदी ने कहा कि इस मानसिकता के कारण ही महिलाओं को राजनीति में आलोचना और मानहानि का सामना करना पड़ता है।

बावनकुले ने जताई नाराजगी

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी और इसे बीजेपी की राजनीतिक आलोचना तथा महिला राजनीतिक विवाद से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि पप्पू यादव का बयान देश की संस्कृति और परंपराओं के खिलाफ है और इससे महिलाओं की सामाजिक प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

महिला आयोग ने लिया संज्ञान 

बिहार राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव के बयान पर संज्ञान लिया और उन्हें नोटिस जारी किया। आयोग ने सांसद से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने कहा कि यह बयान महिलाओं के आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है।

नोटिस में प्रमुख बिंदु 

नोटिस में स्पष्ट किया गया कि वीडियो में प्रसारित टिप्पणी में पप्पू यादव ने महिलाओं के खिलाफ घृणित और अपमानजनक बयान दिया। आयोग ने सांसद से पूछा है कि उन्होंने यह बयान क्यों दिया और क्यों न उनके खिलाफ लोकसभा सदस्यता रद्द करने के लिए अनुशंसा की जाए।

सामाजिक प्रतिक्रिया

संसदीय और राजनीतिक गलियारों में इस विवाद ने चर्चा का विषय बना दिया है। महिला नेताओं और राजनीतिक दलों ने पप्पू यादव के बयान को लोकतंत्र और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। इस घटना ने राजनीति में महिलाओं की भूमिका और उनके सम्मान पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को भी उजागर किया है।