पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए बीजेपी के रणनीतिकार लगातार काम कर रहे हैं, और इसी क्रम में अमित शाह की अहम बैठक मंगलवार रात कोलकाता में चुनाव के प्रभारी और प्रवासी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने पहुंचे। यह बैठक चार घंटे से अधिक चली और इसमें पार्टी की जमीनी तैयारियों, कमियों और आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। अमित शाह 27 अप्रैल तक कोलकाता में रहेंगे और दोनों चरणों की वोटिंग पूरी होने तक राज्य नहीं छोड़ेंगे।
अमित शाह की अहम बैठक
अमित शाह की अहम बैठक के दौरान राज्य के पांचों संभागों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ मिलकर रैलियों और चुनावी अभियान की स्थिति पर चर्चा की। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को 16 जिलों में होगी और दूसरे चरण के लिए मतदान 29 अप्रैल को निर्धारित है। इस बीच, अमित शाह लगातार पार्टी की ताकत और कमजोरियों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
रैलियों में TMC पर हमला
मंगलवार को अमित शाह ने पश्चिम बर्धमान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और घुसपैठियों के मुद्दे उठाए, जो बंगाल चुनाव 2026 और राजनीति हिंदी समाचार का अहम हिस्सा बन गया। और ममता सरकार की नीतियों की आलोचना की। अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि इस बार बीजेपी की सरकार बनेगी और राज्य को माफिया, सिंडिकेट और गुंडाराज से मुक्त कराया जाएगा।
नई योजनाओं का वादा
अमित शाह ने कहा कि बीजेपी सत्ता में आने पर युवाओं को हर साल एक लाख नौकरियां प्रदान की जाएंगी। उन्होंने राज्य के लौह अयस्क उत्पादन केंद्रों को पुनर्जीवित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित करने का वादा किया। कुलटी को फिर से औद्योगिक पहचान दिलाने और प्रदूषण फैलाने वाले उत्पादन पर रोक लगाने का भी आश्वासन दिया गया।
दो चरणों में मतदान
पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी, जिसमें 16 जिलों की 152 सीटें शामिल हैं। इनमें उत्तर बंगाल के 8, दक्षिण बंगाल के 3 और जंगलमहल अंचल के 5 जिले शामिल हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। दूसरे चरण के लिए मतदान 29 अप्रैल को होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
बीजेपी की तैयारी
अमित शाह की लगातार बैठकें, रैलियां और चुनावी अभियान राज्य में बीजेपी की मजबूत तैयारी का संकेत दे रहे हैं। पार्टी न केवल जमीनी रणनीति पर ध्यान दे रही है, बल्कि युवाओं और आम जनता को रोजगार और विकास के मुद्दों पर जोड़ने की कोशिश भी कर रही है।