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राहुल गांधी का बयान: महिला आरक्षण पर सरकार पर साधा निशाना

 20 Apr 2026

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल के पास न हो पाने के बाद राजनीतिक तापमान तेज हो गया है। राहुल गांधी का बयान सामने आने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने इसे जनता के बीच मुद्दा बनाने की रणनीति अपनाई है। बीजेपी इसे अपने पक्ष में प्रचारित करने की योजना बना रही है, वहीं कांग्रेस भी विरोध में काउंटर अटैक के लिए सक्रिय हो गई है।


राहुल गांधी का बयान 

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह महिला आरक्षण बिल को जानबूझकर लटका रही है और इसके जरिए विभाजनकारी परिसीमन की राजनीति कर रही है। राहुल गांधी का बयान भी इसी कड़ी में सामने आया, जबकि कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री के हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन को डर और घबराहट का प्रतीक बताया और कहा कि पीएम मोदी महिला आरक्षण के बहाने गैर-लोकतांत्रिक रणनीति अपना रहे हैं।

देशव्यापी प्रेस कॉन्फ्रेंस

कांग्रेस ने 21 अप्रैल को देश के 29 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की घोषणा की है। महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना और कहा कि इन कार्यक्रमों में पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होकर अहम मुद्दों को जनता तक पहुंचाएंगे, साथ ही 543 लोकसभा सीटों पर एक-तिहाई आरक्षण की मांग दोहराई जाएगी।

सरकार पर सीधे आरोप 

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि मोदी सरकार महिला आरक्षण लागू करने से क्यों बच रही है। प्रवक्ता ने कहा कि यह बिल 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, लेकिन सरकार ने शर्तें लगाकर इसे रोक रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पिछड़े वर्ग की महिलाओं को आरक्षण देने से कतराती है और जातिगत जनगणना का ऐलान मजबूरी में किया गया।

बीजेपी में महिला प्रतिनिधित्व

कांग्रेस ने यह भी कहा कि बीजेपी के 240 सांसदों में केवल 12.9 प्रतिशत महिलाएं हैं, विधायकों में 9.9 प्रतिशत महिलाएं हैं और केंद्र सरकार में 72 मंत्रियों में केवल सात महिलाएं हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कई बीजेपी नेताओं पर हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

सशक्तिकरण के उदाहरण 

कांग्रेस ने याद दिलाया कि आज पंचायतों में 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं, जो 73वें और 74वें संविधान संशोधन के तहत संभव हुआ। पार्टी ने इस उपलब्धि के लिए पूर्व पीएम राजीव गांधी और कांग्रेस सरकार की भूमिका को रेखांकित किया।

कांग्रेस की चुनौती 

कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण बिल के बहाने मोदी सरकार महंगाई, बेरोजगारी और एलपीजी संकट जैसे मुद्दों से ध्यान भटका रही है। पार्टी महिलाओं के हित में वास्तविक कार्रवाई की मांग करती है और देशभर में इसे लेकर जनसंपर्क अभियान तेज करने जा रही है।

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