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रोहित पवार ने दर्ज कराई जीरो FIR, जांच CID को सौंपा गया

 20 Apr 2026

महाराष्ट्र में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के भतीजे और एनसीपी विधायक रोहित पवार की जीरो FIR बेंगलुरु में दर्ज कराई गई, जो अब CID की चल रही जांच में शामिल हो जाएगी। यह FIR 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट के पास हुए विमान हादसे को लेकर दर्ज की गई थी, जिसमें अजित पवार की मृत्यु हुई थी। वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की।


रोहित पवार की जीरो FIR

हादसे के कुछ हफ्तों बाद रोहित पवार की जीरो FIR भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के तहत बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज कराई। उनका आरोप था कि महाराष्ट्र पुलिस ने बारामती विमान हादसे के मामले में उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में यह शिकायत पुणे जिले के बारामती तालुका पुलिस स्टेशन को भेज दी गई, जहां से इसे CID को सौंपा गया।

CID और AAIB की संयुक्त जांच 

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब CID अजित पवार के विमान हादसे और बारामती विमान दुर्घटना FIR को अपनी जांच में शामिल करेगा। इससे हादसे की वास्तविक वजहों तक पहुँचने में मदद मिलने की उम्मीद है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत काम करने वाला एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) भी इस जांच में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। AAIB ने 28 फरवरी को FIR रिपोर्ट जमा की थी। CID प्रमुख और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुनील रामानंद ने कहा कि बेंगलुरु से प्राप्त जीरो FIR को BNSS की धारा 180 के तहत एक बयान मानकर जांच में शामिल किया जाएगा।

जीरो FIR क्या है? 

जीरो FIR एक प्रकार की प्रथम सूचना रिपोर्ट होती है, जिसे किसी भी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया जा सकता है, चाहे अपराध उस पुलिस स्टेशन के क्षेत्राधिकार में हुआ हो या नहीं। रोहित पवार ने जीरो FIR का सहारा इसलिए लिया क्योंकि महाराष्ट्र पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई केस दर्ज नहीं किया था।

CID जांच की शुरुआत ADR से

हादसे के तुरंत बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने बारामती विमान हादसे के संबंध में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर CID ने जांच शुरू की थी। अब जीरो FIR के शामिल होने से जांच में नया आयाम जुड़ गया है और इसे और विस्तृत और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

इस कदम से यह संभावना बढ़ गई है कि हादसे के पीछे की असली परिस्थितियों और किसी भी तरह की चूक का पता लगाया जा सके। महाराष्ट्र पुलिस और CID की संयुक्त जांच को इस मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

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