Article

UP पंचायत चुनाव 2026 में देरी, अंतिम वोटर सूची 10 जून को

 18 Apr 2026

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की समय-सारिणी पर राज्य निर्वाचन आयोग की ताजा अधिसूचना ने यूपी पंचायत चुनाव 2026 की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची अब 10 जून 2026 को ही जारी की जाएगी। इससे मौजूदा पंचायतों के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद चुनाव समय पर कराना मुश्किल नजर आ रहा है।


राज्य निर्वाचन आयोग की योजना के मुताबिक, यूपी पंचायत चुनाव 2026 के लिए 21 अप्रैल से 28 मई तक मतदाता सूची में डुप्लीकेट हटाने और कंप्यूटरीकरण का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद 29 मई से 9 जून तक मतदान केंद्रों का निर्धारण, वार्ड मैपिंग और सूची का अंतिम सत्यापन किया जाएगा। 10 जून को अंतिम सूची सार्वजनिक होगी।

मौजूदा पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, जिससे पंचायत चुनाव में देरी और मतदाता सूची अनुसूची के कारण समय पर चुनाव करवाना मुश्किल हो गया है।

यूपी पंचायत चुनाव 2026

उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव में हो रही देरी के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) को जिम्मेदार ठहराया है। मंत्री का कहना है कि सपा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर चुनाव प्रक्रिया को रोका है।

राजभर ने 15 अप्रैल को मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार पूरी तरह से चाहती है कि चुनाव समय पर हों। मतपत्र भी पहले ही छप चुके हैं, लेकिन हाईकोर्ट में लंबित याचिका के कारण चुनाव की प्रक्रिया रुक गई है। उन्होंने सीधे तौर पर सपा और उनके नेता अखिलेश यादव के निर्देश को इस देरी का कारण बताया।

मंत्री ने दावा किया कि इस याचिका को एक मुस्लिम व्यक्ति ने दायर किया, जो सपा के इशारे पर कार्य कर रहा है।

राजनीतिक हलचल और कोर्ट की भूमिका 

हालांकि चुनाव की पूरी प्रक्रिया तय समय पर कराने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन कोर्ट में लंबित मामले की वजह से पंचायत चुनाव फिलहाल ठहर गए हैं। इससे न केवल चुनाव की तारीख प्रभावित होगी, बल्कि ग्रामीण प्रशासन में भी अस्थिरता का खतरा बढ़ सकता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अदालत जल्द आदेश नहीं देती, तो पंचायत चुनाव जून के बाद होंगे। इससे उत्तर प्रदेश में पंचायतों के कामकाज और नई कार्यकारिणी के गठन में देरी होने की संभावना है।

राज्य में पंचायत चुनावों की यह देरी राजनीतिक गर्मी बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक चुनौतियों को भी सामने लाएगी।