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अमित शाह का हमला, बीरभूम में ममता सरकार पर साधा निशाना
15 Apr 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है। सोमवार (13 अप्रैल) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हमला ममता सरकार पर महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर टीएमसी की कार्यप्रणाली को कठोर आलोचना का निशाना बनाया।
अमित शाह का हमला
अमित शाह का हमला राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ममता बनर्जी सरकार की विफलता को उजागर किया। उन्होंने आरजी कर रेप मामले का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने महिलाओं को शाम 7 बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी थी। शाह ने कहा कि महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद ममता बनर्जी बंगाल की बहनों की सुरक्षा नहीं सुनिश्चित कर पाईं।
रात 1 बजे भी सुरक्षित बंगाल
अमित शाह ने ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए बंगाल कानून व्यवस्था सुधार का वादा किया, महिलाओं की सुरक्षा और हिंसा मुक्त राज्य का भरोसा दिलाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि महिलाओं को रात में भी सुरक्षित महसूस होगा और किसी भी हिंसक घटना की संभावना नहीं रहेगी। शाह ने कहा कि बंगाल ऐसा बनेगा जहां बच्चियां रात में भी स्वतंत्र रूप से बाहर जा सकेंगी, और आरजी कर या दुर्गापुर लॉ कॉलेज जैसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।
हिंसा और भय का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने ममता बनर्जी पर राज्य में हिंसा और डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद दंगे, रामनवमी हमले और सरस्वती पूजा पर प्रतिबंध जैसी घटनाओं के दौरान मुख्यमंत्री कहाँ थीं। शाह ने जनता से अपील की कि आगामी विधानसभा चुनाव में मतपत्र के जरिए वे अपने अधिकार का प्रयोग करें और हिंसा का जवाब वोट से दें।
सुरक्षा और विकास पर निशाना
शाह ने टीएमसी पर राज्य में सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार बनने पर 45 दिनों के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने का कार्य पूरा होगा। इसके अलावा, उन्होंने मयूरेश्वर में पानी की कमी जैसी स्थानीय समस्याओं की अनदेखी के लिए भी टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया।
सरकार के योगदान का उल्लेख
अमित शाह ने केंद्र सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति निकेतन को यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल कराया और बंगाली भाषा को शास्त्रीय दर्जा दिलाया। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि इससे चार शादियों की प्रथा समाप्त होगी।
चुनावी प्रक्रिया
पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में होंगे। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल को संपन्न होगा। मतगणना 4 मई को होगी। बीजेपी सत्ता हासिल करने की पूरी कोशिश में है, वहीं टीएमसी भी सत्ता में वापसी की जुगत में है।
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