Article

नारी शक्ति वंदन: महिलाओं के सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम

 13 Apr 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में महिला आरक्षण विधेयक को 21वीं सदी का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय करार दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र को भी मजबूती देगा। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि इस निर्णय से दशकों से लंबित समस्या का समाधान होगा और संसद व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी।


नारी शक्ति वंदन सम्मेलन

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में कहा कि यह विधेयक एक ऐसे भारत की प्रतीक है, जो समतामूलक होगा। जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि हमारी कार्य संस्कृति और निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में नारी शक्ति वंदन के रूप में उठाया गया यह कदम भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बनेगा।

महिलाओं का समर्थन

पीएम मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए देश की माताओं और बहनों का आशीर्वाद लिया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे यहां किसी को उपदेश देने नहीं आए हैं, बल्कि देश की महिलाओं का समर्थन हासिल करने आए हैं। 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र में इस विधेयक पर विशेष चर्चा होगी, जो महिला सशक्तिकरण भारत के लिए महत्वपूर्ण है, और यह हिंदी राजनीतिक खबर महिलाओं की भागीदारी और लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में विशेष चर्चा का मार्ग प्रशस्त करती है।

सभी दलों का समर्थन

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2023 में जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया गया था, तब सभी राजनीतिक दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास किया था। विपक्ष ने भी यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि यह 2029 तक पूरी तरह लागू हो। पीएम मोदी ने कहा कि इस विधेयक से लाखों महिलाओं की राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे भारत का गौरव बढ़ेगा।

आर्थिक सशक्तिकरण 

पीएम मोदी ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी उदाहरण के तौर पर पेश किया। आज भारत में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय सरकारों में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं, और लगभग 21 राज्यों में उनका प्रतिनिधित्व लगभग 50% तक पहुँच चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि जनधन योजना के माध्यम से 32 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, जिससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिला।

नारी शक्ति अधिनियम

प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण पर चर्चा को दशकों पुरानी समस्या का अंत बताते हुए इसे समता आधारित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को नए युग की राह दिखाएगा और उनके सपनों को उड़ान देगा, साथ ही लोकतंत्र और समाज को अधिक संवेदनशील बनाएगा।

Read This Also:- अंगोला में बाढ़ से खनिज निर्यात ठप, सप्लाई प्रभावित