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उत्तर प्रदेश के मतदाता की खबर: SIR फाइनल लिस्ट में बड़ा बदलाव
12 Apr 2026
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच राज्य की फाइनल वोटर लिस्ट 10 अप्रैल 2026 को जारी कर दी गई है। जो उत्तर प्रदेश के मतदाता की खबर के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद इस सूची में 84 लाख से अधिक नए मतदाताओं का शामिल होना राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और सुदृढ़ करता है। अब यूपी में कुल मतदाताओं की संख्या 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 हो गई है, जिसमें पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने लखनऊ में मीडिया को बताया कि उत्तर प्रदेश के मतदाता की खबर के अनुसार जनवरी में जारी ड्राफ्ट सूची में कुल मतदाता 12 करोड़ 55 लाख थे। पुरुष मतदाताओं की संख्या 6.88 करोड़ और महिला मतदाताओं की संख्या 5.67 करोड़ थी। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 4,119 थी। फाइनल सूची में अब पुरुष मतदाताओं की संख्या बढ़कर 7 करोड़ 30 लाख (7,30,71,061) और महिला मतदाताओं की संख्या 6 करोड़ 9 लाख (6,09,09,525) हो गई है। थर्ड जेंडर मतदाता 4,206 हैं।
उत्तर प्रदेश के मतदाता की खबर
एसआईआर अभियान यूपी के दौरान चुनाव नामावली अद्यतन के अनुसार मतदाताओं की संख्या में कुल 84,28,767 का इजाफा हुआ है। इसमें पुरुष मतदाता 42,27,902 और महिला मतदाता 42,00,778 बढ़े। 18-19 वर्ष आयु वर्ग में मतदाताओं की संख्या 14,29,379 बढ़ी। जेंडर रेशियो में भी सुधार हुआ, जो अब 834 है।
वृद्धि जिले और विधानसभा क्षेत्र
मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक बढ़ोतरी प्रयागराज जिले में हुई (3,29,421), उसके बाद लखनऊ (2,85,961) और बरेली (2,57,920) का स्थान है। विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद में 82,898, जौनपुर में 56,118 और लखनऊ पश्चिम में 54,822 मतदाता बढ़े।
SIR प्रक्रिया और दल भागीदारी
एसआईआर अभियान 27 अक्टूबर 2025 को घोषित हुआ और 26 दिसंबर 2025 तक गणना चरण चला। 6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट सूची प्रकाशित हुई और 27 मार्च तक दावा, आपत्ति और सत्यापन पूरा हुआ। इस प्रक्रिया में कुल 5,82,877 बूथ लेवल एजेंट्स ने भाग लिया। राजनीतिक दलों ने सक्रिय सहयोग किया, जिसमें प्रमुख दलों से 107 ज्ञापन प्राप्त हुए।
मतदाता सुविधा:
मतदाता अब BLO से सीधे संपर्क कर सकते हैं। vOBERS.eci.gov.in और ECINET ऐप के जरिए कॉल बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। कुल 8,63,297 कॉल बुक हुईं, जिनमें 97% का BLO द्वारा निस्तारण हुआ। एसआईआर और फाइनल मतदाता सूची ने यूपी के चुनावी परिदृश्य को मजबूत किया है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
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