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मुर्मू की मंजूरी से नियुक्ति और सेवा नियमों में बड़ा बदलाव

 10 Apr 2026

राष्ट्रपति मुर्मू की मंजूरी के बाद केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) अधिनियम, 2026 को केंद्र सरकार ने तुरंत अधिसूचित कर दिया। यह नया अधिनियम केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के अधिकारियों की भर्ती, प्रतिनियुक्ति, पदोन्नति और सेवा से जुड़ी अन्य शर्तों को विनियमित करेगा।


राष्ट्रपति मुर्मू की मंजूरी के बाद, सीएपीएफ में शामिल बल हैं, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB)। ये सभी अपने-अपने अधिनियमों के तहत काम करते हैं, लेकिन नया कानून सेवा नियमों में एक समान ढांचा प्रदान करेगा।

राष्ट्रपति मुर्मू की मंजूरी

सीएपीएफ विधेयक को मंजूरी मिल गई है, और नए सशस्त्र बल कानून के तहत महानिरीक्षक के 50 प्रतिशत पद और अतिरिक्त महानिदेशक के न्यूनतम 67 प्रतिशत पद केवल भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरे जाएंगे। विशेष महानिदेशक और महानिदेशक के पदों पर भी प्रतिनियुक्ति से ही भर्ती की जाएगी।

विदित हो कि यह अधिनियम सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले साल अक्टूबर में केंद्र की याचिका को खारिज किए जाने के बाद लाया गया, जिसमें 2025 के फैसले की समीक्षा का अनुरोध किया गया था।

कैडर समीक्षा का आदेश 


साल 2005 में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (SAG) स्तर तक सीएपीएफ में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि छह महीने के भीतर कैडर समीक्षा की जाए। नए अधिनियम के तहत यह व्यवस्था लागू रहती है, लेकिन नियुक्तियों में अधिक स्पष्टता और मानकीकरण आएगा।

सेवा नियमों में बदलाव 


नए कानून के तहत ग्रुप-ए जनरल ड्यूटी अधिकारियों और सीएपीएफ के अन्य सदस्यों की भर्ती और सेवा शर्तें सुव्यवस्थित होंगी। यह बदलाव बलों के नेतृत्व ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ पदोन्नति और नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह अधिनियम सीएपीएफ के उच्च पदों पर स्थिर नेतृत्व और संगठन की कार्यकुशलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

प्रमुख प्रभाव


IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति पर स्पष्ट सीमा।
महानिरीक्षक और अतिरिक्त महानिदेशक के पदों पर मानकीकृत नियुक्ति। 
विशेष और महानिदेशक पद पर केवल प्रतिनियुक्ति से भर्ती। 
ग्रुप-ए और अन्य अधिकारियों की सेवा शर्तों में बदलाव। 
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कैडर समीक्षा की सिफारिशों का पालन।

कुल मिलाकर, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कानून 2026 अधिकारियों की भर्ती और सेवा के नियमों में अधिक स्पष्टता और स्थिरता लाने का काम करेगा।

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