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जयशंकर की मॉरीशस यात्रा: ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग।

 10 Apr 2026

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मॉरीशस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से मुलाकात के बाद द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मार्च 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की मॉरीशस यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को उन्नत रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया। जयशंकर ने यह भी बताया कि भारत मॉरीशस की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप सहयोग जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।


जयशंकर की मॉरीशस यात्रा

जयशंकर की मॉरीशस यात्रा के दौरान, उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न संकट के बीच, भारत और मॉरीशस तेल और गैस की आपूर्ति पर एक सरकारी समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं। यह समझौता मॉरीशस की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विदेश मंत्री ने कहा, हम सरकार से सरकार समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं, जो मॉरीशस के लिए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

ऊर्जा व पर्यावरण सहयोग

विदेश मंत्री ने बताया कि भारत मॉरीशस ऊर्जा और तेल गैस आपूर्ति के सहयोग के साथ, एक भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम मॉरीशस की पहली तैरती सौर ऊर्जा परियोजना विकसित कर रहा है। इसके अलावा भारत-मॉरीशस के बीच स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों में विस्तृत और गतिशील साझेदारी मौजूद है। मॉरीशस में हेनरीएटा में 8 मेगावाट का सोलर प्लांट और फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट भारत के सहयोग से विकसित किए जा रहे हैं।

शिक्षा में भारत का योगदान 

भारत मॉरीशस में स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा रहा है। जयशंकर ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में रीनल ट्रांसप्लांट यूनिट का उद्घाटन किया गया, जबकि ENT अस्पताल, एरिया हेल्थ सेंटर और मेडिक्लिनिक जैसे अन्य प्रोजेक्ट्स में भी भारत का योगदान जारी है। आयुष सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।

शिक्षा क्षेत्र में भारत-मॉरीशस सहयोग को मजबूत करने के लिए UGC और मॉरीशस हायर एजुकेशन कमीशन के बीच समझौते लागू किए गए हैं। इसके अलावा IT और कौशल विकास के लिए विशेष iGOT कर्मयोगी पोर्टल मॉरीशस के लिए लॉन्च किया गया।

सुरक्षा और सामाजिक विकास 

रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत किया गया है। भारत और मॉरीशस संयुक्त हाइड्रोग्राफी सेवा से नौटिकल चार्ट बिक्री पर राजस्व साझा करेंगे और जल्द मॉरीशस में डिफेंस अटैची की तैनाती भी होगी। भारत मॉरीशस में 100 कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स लागू कर चुका है और दूसरे चरण में 500 मिलियन मॉरीशियन रुपए का निवेश किया जाएगा।

जयशंकर ने यह भी जोर दिया कि मॉरीशस भारत की विदेश नीति प्राथमिकताओं – पड़ोस को प्राथमिकता, दृष्टि सागर और वैश्विक दक्षिण – में एक अहम भूमिका निभाता है।