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तेजस्वी यादव का हमला, बोले- बिहार में 'महाचौपट राज'
09 Apr 2026
बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में गुरुवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। एक व्यक्ति ने सरेआम बाजार में दूसरे शख्स का गला काटकर उसकी हत्या कर दी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर जुटे और आरोपी को पकड़कर पीट-पीटकर मार डाला। इस भयावह घटना पर तेजस्वी यादव का हमला भी सामने आया, जिसमें उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव का हमला
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधानसभा में इस घटना को लेकर बिहार की कानून व्यवस्था पर तीखी टिप्पणी की। तेजस्वी यादव का हमला सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य में अब एनडीए का शासन नहीं, बल्कि 'महाचौपट राज' चल रहा है। तेजस्वी ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री कुर्सी की होड़ में व्यस्त है, जबकि हर रोज़ हत्याएं, लूट और बलात्कार जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
भीड़ ने आरोपी को बनाया शिकार
घटना के दौरान आरोपी को पकड़ने के बाद स्थानीय लोगों ने उसे सरेआम पीटा। यह दृश्य इतना भयानक था कि बाद में मृतक के परिवार ने भी आरोपी को मार डाला। पुलिस ने मौके पर कानून लागू करने की बजाय स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी रही। बिहार में अपराध में वृद्धि और क्राइम पॉलिटिक्स बिहार की चिंता बढ़ा रहे हैं, जिसे तेजस्वी यादव ने इसे बिहार में कानून के गिरते स्तर का उदाहरण बताया।
कानून का डर जनता से गया
तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में अपराधियों के हौसले इतनी बुलंद हैं कि हत्याएं खुलेआम की जा रही हैं। जनता में कानून का कोई भय नहीं बचा है। उन्होंने एनडीए सरकार पर आरोप लगाया कि बालू-दारू में व्यस्त और नासमझ प्रशासन के कारण आम लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
राजनीतिक आरोप और चिंता
तेजस्वी ने कहा कि बिहार में अब एनडीए का शासन नहीं, बल्कि महाचौपट राज है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार और जंगलराज की बात का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में आई कुछ प्रोपगंडा फिल्मों ने समाज में हिंसा और भय की मानसिकता बढ़ाई है। उनका कहना था कि इस तरह का जहर अब परिणाम दिखा रहा है और आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गया है।
अररिया की यह घटना न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था की कमजोर स्थिति को उजागर करती है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि आम जनता की सुरक्षा और न्याय की रक्षा के लिए प्रशासन कितने सक्षम हैं। तेजस्वी यादव की टिप्पणी से स्पष्ट है कि विपक्ष सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहा है और यह घटना राज्य की राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारी पर गहरा प्रभाव डाल रही है।