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उमर अब्दुल्ला ने ख्वाजा आसिफ के बयान की कड़ी निंदा की
08 Apr 2026
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ख्वाजा आसिफ के बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि आसिफ ने कहा था कि भविष्य में कोई संघर्ष सीमा तक ही सीमित नहीं रहेगा और भारत के अंदरूनी हिस्सों तक फैल सकता है, जिसमें उन्होंने कोलकाता को संभावित लक्ष्य के रूप में भी उल्लेख किया था। उमर अब्दुल्ला ने इसे न केवल अतिशयोक्ति बताया, बल्कि पाकिस्तान को याद दिलाया कि पिछले साल हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी उनकी सेना दिल्ली तक नहीं पहुंच पाई थी।
उमर ने ख्वाजा के बयान की निंदा की
उमर अब्दुल्ला ने ख्वाजा आसिफ के बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि ख्वाजा आसिफ के बयान में बड़बोलापन नजर आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को कोलकाता तक पहुंचने का सपना छोड़ देना चाहिए, क्योंकि वास्तविकता में उनके लिए दिल्ली तक पहुंचना भी संभव नहीं था। उमर ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर प्रभावी स्ट्राइक की थी और अधिकतर आतंकवादी मार गिराए गए थे। वहीं पाकिस्तान की ओर से कोई खास सफलता नहीं मिली थी।
रिश्ते सुधारने की सलाह
सीएम ने पाकिस्तान मंत्री की आलोचना करते हुए सलाह दी कि वह भारत के साथ अपने रिश्तों को सुधारने पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने कहा कि खराब संबंधों का असर भारत पर कम और पाकिस्तान पर अधिक पड़ता है। इसलिए दुश्मनी बढ़ाने के बजाय बातचीत और कूटनीतिक सुधार पर ध्यान देना पाकिस्तान के हित में होगा।
ईंधन संकट पर कटाक्ष
उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान की घरेलू समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति मजबूत है और यहां विमान नियमित रूप से उड़ान भर रहे हैं। जबकि पाकिस्तान ईंधन संकट जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है और एयरलाइंस को भी तेल भर कर आने की सलाह दे रहा है। उनका यह कहना था कि पाकिस्तान को कोलकाता की बात करने के बजाय अपने हालात सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
पिछले साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने एक घातक हमला किया था जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने पाक अधिकृत कश्मीर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकियों के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस ऑपरेशन में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जबकि पाकिस्तान की जवाबी गोलाबारी और ड्रोन हमलों में खास सफलता नहीं मिली।
उमर अब्दुल्ला ने ख्वाजा आसिफ के बयान को अतिशयोक्ति और अवास्तविक बताते हुए पाकिस्तान को अपने घरेलू संकटों और भारत के साथ रिश्तों को सुधारने पर ध्यान देने की सलाह दी। सीएम का कहना है कि टकराव से किसी का भला नहीं, बल्कि बातचीत और मजबूतीपूर्ण कूटनीति ही वर्तमान हालात में सबसे सही रास्ता है।
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