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ममता बनर्जी का भाबानीपुर में मुकाबला, चुनौती बढ़ी

 07 Apr 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी का भाबानीपुर में मुकाबला इस बार सबसे कठिन परीक्षा साबित हो रहा है। यहां उनका सामना सिर्फ भाजपा के नेता और पूर्व विधानसभा नेता सुवेंदु अधिकारी से नहीं है, बल्कि बदलती वोटर डेमोग्राफी और वोटर लिस्ट में कटौती ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।


ममता का भाबानीपुर में मुकाबला

भवानीपुर में ममता बनर्जी का भाबानीपुर में मुकाबला हमेशा मजबूत माना जाता रहा है। वर्ष 2011 से वह लगातार इस सीट से जीतती आई हैं। 2021 के उपचुनाव में उन्होंने भाजपा की प्रियंका तिबरेवाल को रिकॉर्ड 58,832 वोटों के अंतर से हराया था। उस समय टर्नआउट लगभग 57% था और ममता को 85,263 वोट मिले थे। लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव की स्थिति बदली है। इस बार टीएमसी की लीड महज 8,297 वोटों की रह गई, और भाजपा ने यहां के पांच में से आठ वार्डों में बढ़त हासिल कर ली।

डेमोग्राफिक और SIR का असर

भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी प्रतियोगिता के दौरान लगभग 46% गैर-बंगाली वोटर्स को अब भाजपा टारगेट कर रही है। युवा और मोबाइल वोटर्स की बढ़ती संख्या ने पुराने वोट ब्लॉक्स को प्रभावित किया है। वहीं, वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के कारण करीब 47,000 वोटर्स हट गए हैं, और लगभग 14,000 वोटर्स ‘अंडर एडजुडिकेशन’ में हैं। यह संख्या 2021 की ममता की जीत के मार्जिन से केवल 11,000 कम है।

टीएमसी ने इस प्रक्रिया को टारगेटेड कार्रवाई बताया, जबकि भाजपा का कहना है कि यह सिर्फ क्लीन वोटर लिस्ट का अभियान है।

ममता के लिए डबल चुनौती

भवानीपुर के मुस्लिम बहुल वार्डों 77 और 82 में टीएमसी मजबूत है, लेकिन मध्य क्षेत्र में झुकाव भाजपा की ओर देखा जा रहा है। ममता के चुनाव अभियान की कमान फीरहाद हाकिम संभाल रहे हैं। उन्होंने वोटर्स तक सीधा मैसेजिंग और आउटरीच की रणनीति अपनाई है। सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही दावा किया है कि SIR के बाद वे भवानीपुर में ममता को 20,000 वोटों से हरा देंगे।

भवानीपुर का महत्व 

भवानीपुर अब सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि पूरे बंगाल की राजनीति का टेस्ट केस बन गया है। अगर भाजपा यहां अच्छा प्रदर्शन करती है, तो यह टीएमसी की अजेय छवि को चुनौती देगा। वहीं, ममता बड़ी जीत दर्ज करती हैं, तो यह उनके जनाधार की मजबूती साबित करेगा। वोटर लिस्ट में डिलीशन और अंडर एडजुडिकेशन का असर अंतिम मतदान प्रतिशत और वोट शेयर पर सीधे दिखाई देगा।

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