Article

दिल्ली: भाजपा सरकार का CCTV निर्णय पर AAP ने BJP को घेरा

 02 Apr 2026

दिल्ली भाजपा सरकार का CCTV निर्णय के तहत, केंद्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल से चीन निर्मित CCTV कैमरों की बिक्री पर रोक लगाए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने अपने शहर में लगे चीनी कैमरों को बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को बताया कि राजधानी में लगाए गए करीब डेढ़ लाख चीनी CCTV कैमरों को सुरक्षा कारणों से हटाया जाएगा।


दिल्ली भाजपा सरकार का CCTV निर्णय को लेकर उन्होंने कहा कि यह कदम हाल ही में जारी सरकारी निर्देशों और व्यापक सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

भाजपा सरकार का CCTV निर्णय
 

दिल्ली में चीनी सीसीटीवी कैमरों पर प्रतिबंध के बाद, दिल्ली में कुल 2,74,389 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। पहले चरण में, सितंबर 2020 से नवंबर 2022 के बीच, 1,40,000 कैमरे चीनी कंपनी Hikvision से लगाए गए थे। शेष 1,34,389 कैमरे पिछले साल जून 2025 से मार्च 2026 के बीच लगाए गए। PWD मंत्री ने बताया कि धीरे-धीरे इन कैमरों को नए, सुरक्षित और भरोसेमंद सिस्टम से बदलने की प्रक्रिया शुरू होगी।

AAP सरकार पर हमला 

PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने पिछली AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसने सुरक्षा के लिहाज से चीनी कैमरों को लगाने के निहित प्रभावों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पूरे शहर में इन कैमरों को लगाने का निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ था, लेकिन AAP इसे समझने में नाकाम रही।

AAP का जवाब और राजनीतिक विवाद 

इस कवायद पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर तीखा हमला किया। AAP दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मंत्री का यह आरोप असल में अपनी पसंदीदा कंपनी को नए ठेके देने का बहाना मात्र है। उन्होंने बताया कि Hikvision कैमरे पहले से ही केंद्र सरकार के कई प्रोजेक्ट्स में लगे हुए हैं, जिसमें मेट्रो सिस्टम भी शामिल है।

भारद्वाज ने सवाल उठाया कि अगर राष्ट्रीय सुरक्षा वास्तविक चिंता थी, तो पूरे भारत में इनके इस्तेमाल पर क्यों रोक नहीं लगाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा की आड़ में मौजूदा सिस्टम को हटाकर नए ठेके का रास्ता आसान बनाया जा रहा है।

आगे की प्रक्रिया

PWD मंत्री ने कहा कि पहले चरण के तहत 50 हजार चीनी कैमरों को बदलने की मंजूरी पहले ही दे दी गई है। पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से होगी, जिससे हर पुराने कैमरे की जगह सुरक्षित और भरोसेमंद सिस्टम लगाया जाएगा।

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के इस कदम ने राजनीतिक सियासत को भी तेज कर दिया है। BJP और AAP के बीच यह मुद्दा चुनावी लड़ाई और प्रशासनिक निर्णयों के असर को लेकर बहस का नया केंद्र बन गया है।

Read This Also:-  पश्चिम बंगाल: मतदाता सूची से 22 लाख नाम हटाए, मुस्लिम विरोध