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राज्यसभा चुनाव 2026: कांग्रेस के 3 विधायक अनुपस्थित, सजा तय
01 Apr 2026
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने की प्रक्रिया के बीच, राज्यसभा चुनाव 2026 में विपक्षी महागठबंधन को भारी झटका लगा। इस चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायक, सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, मनोज विश्वास और मनोहर प्रसाद सिंह, मतदान के समय अनुपस्थित रहे। इनकी गैरहाजिरी के कारण महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा।
राज्यसभा चुनाव 2026
राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान अनुपस्थित रहने वाले तीन कांग्रेस विधायकों के खिलाफ प्रदेश अनुशासन समिति ने इन तीनों विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश राष्ट्रीय नेतृत्व को भेज दी। अनुशासन समिति ने पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। प्राप्त जवाबों के आधार पर अब पार्टी का नेतृत्व फैसला करेगा कि आगे क्या कदम उठाए जाएँ। समिति की सिफारिशें राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) केसी वेणु गोपाल और प्रदेश प्रभारी कृष्ण अल्लावरु को भेजी गई हैं।
विधायक अपनी ओर से क्यों नहीं आए
राज्यसभा चुनाव में हार के बाद तीनों विधायकों ने पार्टी की नीतियों को इसकी जिम्मेदार ठहराया, और इस मामले में अनुपस्थित मतदान पर कांग्रेस की कार्रवाई भी उठाई गई। कि कांग्रेस के भीतर अनुशासन और एकजुटता को लेकर गंभीर चुनौतियाँ सामने हैं। पार्टी को उम्मीद थी कि सभी विधायक अपने मत का प्रयोग करेंगे, लेकिन अनुपस्थिति ने महागठबंधन की रणनीति को कमजोर कर दिया।
बागी तेवर और सत्तापक्ष का फायदा
सुरेंद्र कुशवाहा बाल्मीकि नगर सीट से, मनोज विश्वास फारबिसगंज सीट से और मनोहर प्रसाद सिंह मनिहारी सीट से विधायक हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल छह सीटें जीती थीं, लेकिन इनमें से तीन विधायकों ने पार्टी लाइन का पालन नहीं किया।
सत्तापक्ष इस अवसर का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। सुरेंद्र कुशवाहा ने हाल ही में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात की। वहीं मनोहर प्रसाद सिंह को बिहार विधानसभा की एक समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। यह संकेत देता है कि बागी तेवर दिखाने वाले विधायकों को राजनीतिक फायदा पहुँचाने के प्रयास जारी हैं।
कांग्रेस की चुनौती
प्रदेश कांग्रेस के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है। पार्टी के अनुशासन और नेतृत्व पर सवाल उठते हैं, जबकि राज्यसभा चुनाव की हार ने यह साबित कर दिया कि आंतरिक असंतोष सीधे चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है। अनुशासन समिति की सिफारिशों पर अब पार्टी आलाकमान कार्रवाई करेगा और भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए कदम उठाने की संभावना है।