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चुनाव में DMK, AIADMK, BJP, ने किया महिला योजनाओं का ऐलान

 01 Apr 2026

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 करीब है और इस बार महिला वोटर्स का दबदबा सबसे अहम साबित हो सकता है। और DMK, AIADMK, BJP ने महिला योजनाओं का ऐलान किया है। राज्य में कुल 5.67 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 2.89 करोड़ महिलाएं हैं, यानी कुल वोटरों का 51.07% हिस्सा महिला मतदाताओं का है। पुरुष मतदाताओं की संख्या 2.77 करोड़ है। पिछले चुनाव 2021 में महिलाओं की हिस्सेदारी 50.7% थी, जो अब और बढ़कर 51.07% हो गई है।


महिला योजनाओं का ऐलान

चेन्नई में कुल 28.3 लाख वोटरों में 14.64 लाख महिलाएं हैं, जबकि पुरुष 13.65 लाख हैं। तिरुवल्लूर जिले में कुल 31.57 लाख वोटरों में 16.12 लाख महिलाएं हैं। कोयंबटूर में महिला मतदाता 13.95 लाख हैं, जबकि पुरुष 13 लाख हैं। नीलगिरी जैसे छोटे जिलों में भी महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है। और DMK, AIADMK, BJP ने तमिलनाडु चुनाव में महिला योजनाओं का ऐलान किया।

पार्टियों की योजनाएं महिलाओं के लिए 

चुनावी माहौल में DMK, AIADMK, BJP और तमिलनाडु में विजय पार्टी की महिला योजनाओं ने महिलाओं को आकर्षित करने के लिए कई योजनाएं पेश कर रहे हैं। DMK: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की पार्टी महिलाओं को इलाथारसी कूपन के तहत हर महीने 2,000 रुपये और सालाना 8,000 रुपये देने का वादा कर रही है।

AIADMK: विपक्षी पार्टी महिलाओं के लिए फ्री ट्रांसपोर्ट, घरेलू सुविधाओं की सब्सिडी और 10,000 रुपये देने की योजना लेकर आई है। इसके तहत ग्रामीण महिलाओं को मुफ्त रेफ्रिजरेटर भी बांटे जाएंगे। TVK (विजय की पार्टी): इस पार्टी ने महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने के साथ बस में मुफ्त यात्रा और एलपीजी सिलेंडर देने की घोषणा की है।

महिला सुरक्षा प्रमुख चुनावी मुद्दा

महिला सुरक्षा भी इस चुनाव में बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। बीजेपी ने स्टालिन सरकार पर तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और यौन अपराधों को रोकने में नाकामी का आरोप लगाया है। पार्टी ने DMK को आज के ज़माने का नीरो कहकर आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा कि जैसे रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था, वैसे ही CM स्टालिन शासन में महिलाओं के खिलाफ अपराध जारी हैं।

चुनाव की तारीख और प्रक्रिया

तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। राज्य में कुल 234 विधानसभा सीटें हैं और महिला वोटर्स की बढ़ी संख्या इस बार सियासी परिणामों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

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