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अमित शाह ने नक्सली क्षेत्रों का विकास की गिनाईं उपलब्धियां
31 Mar 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान सरकार की रणनीति और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। और अमित शाह ने नक्सली क्षेत्रों का विकास की गिनाईं उपलब्धियां। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद से निपटने के लिए सरकार ने सख्ती और विकास की दोहरी नीति अपनाई है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं।
गृहमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद लगभग समाप्ति की ओर है और अमित शाह ने नक्सली क्षेत्रों का विकास की गिनाईं उपलब्धियां। उन्होंने सुरक्षा बलों की कार्रवाई को प्रभावी बताते हुए कहा कि इन प्रयासों के साथ-साथ विकास योजनाओं ने भी हालात बदलने में अहम भूमिका निभाई है।
शाह बोले- नक्सली क्षेत्रों का विकास हुआ
अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 17,589 किलोमीटर सड़कों को मंजूरी दी गई, जिनमें से करीब 12,000 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है, जो दर्शाता है कि भारत में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर सरकार का ध्यान केंद्रित है। संचार सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 5,000 मोबाइल टावर लगाए गए हैं, जबकि 8,000 अतिरिक्त 4G टावर लगाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के तहत 1,804 बैंक शाखाएं, 1,321 एटीएम और 37,850 बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट तैनात किए गए हैं। डाक सेवाओं को मजबूत करने के लिए 6,025 नए डाकघर भी शुरू किए गए।
शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 259 एकलव्य आदर्श विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जबकि 46 आईटीआई और 49 स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए गए हैं। कौशल विकास पर लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और बच्चों को 12वीं तक मुफ्त शिक्षा की सुविधा दी जा रही है।
स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाएं
गृहमंत्री ने बताया कि 212 करोड़ रुपये के सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत स्वास्थ्य शिविरों और दवाओं की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जनजातीय युवा एक्सचेंज कार्यक्रम भी शुरू किया गया है, जिससे युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा और निवेश में वृद्धि
नक्सलवाद से निपटने के लिए सुरक्षा ढांचे को भी मजबूत किया गया है। राज्यों की सहायता के लिए SRE योजना के तहत पिछले 10 वर्षों में 3,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम के तहत 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति
सरकार ने नक्सलियों के लिए आकर्षक पुनर्वास नीति भी लागू की है। आत्मसमर्पण करने पर 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, साथ ही 36 महीनों तक हर महीने 10,000 रुपये की सहायता भी दी जाती है। इसके अलावा कौशल प्रशिक्षण, टूल किट और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की सुविधा भी दी जाती है। कई वरिष्ठ नक्सली नेताओं ने आत्मसमर्पण किया है, जो इस नीति की सफलता को दर्शाता है।
रोजगार और सांस्कृतिक पहल
स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिलाओं को 2 लाख और पुरुषों को 5 लाख रुपये तक ऋण सुविधा दी जा रही है। सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों का भी आयोजन किया गया, जिसमें लाखों लोगों ने भाग लिया।
मानवाधिकार पर टिप्पणी
अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने 15,000 बच्चों का जीवन बर्बाद किया है। उन्होंने मानवाधिकार की बात करने वालों से अपील की कि वे इन बच्चों की स्थिति पर भी ध्यान दें। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नक्सलियों का समर्थन करते हैं, वे भी इसके लिए जिम्मेदार हैं।
गृहमंत्री ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद को खत्म करना ही नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में लाना भी है।
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