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थलपति विजय ने ड्राइवर के बेटे को चुनावी टिकट दिया, भावुक पल

 30 Mar 2026

तमिलनाडु की राजनीति में रविवार को एक फिल्मी जैसा दृश्य देखने को मिला, जब दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार और राजनीतिक नेता थलपति विजय ने ड्राइवर के बेटे को चुनावी टिकट दिया और अपनी पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कझगम (TVK) के उम्मीदवारों की सूची जारी की। इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा विरुगंबक्कम विधानसभा सीट के उम्मीदवार सबरिनाथन के नाम को लेकर हुई।


विजय ने ड्राइवर के बेटे को टिकट दिया


सबरिनाथन, थलपति विजय के लंबे समय के ड्राइवर राजेंद्रन के बेटे हैं। राजेंद्रन करीब 35 साल से विजय की फैमिली के साथ जुड़े हुए हैं और उनकी ईमानदारी और मेहनत का पूरा परिवार सम्मान करता है। और थलपति विजय ने ड्राइवर के बेटे को चुनावी टिकट दिया; जैसे ही मंच पर सबरिनाथन का नाम घोषित हुआ, पिता और पुत्र दोनों भावनाओं के बहाव में मंच पर आंसू बहाने लगे। इस दृश्य ने उपस्थित सभी लोगों को गहरे भावुक कर दिया।

विजय का व्यक्तिगत स्पर्श

घटना की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। और तमिलनाडु चुनाव 2026 विजय के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया, क्योंकि वीडियो में देखा जा सकता है कि विजय खुद मंच पर जाकर पिता-पुत्र के आंसू पोछते हैं और उन्हें सांत्वना देते हैं। इस कदम को लोग बेहद संवेदनशील और इंसानियत भरा मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग विजय के इस निर्णय की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं, जबकि कुछ ने राजेंद्रन की निष्ठा और मेहनत को भी सलाम किया है।


2015 के विज्ञापन की याद 

यहां दर्शकों और नेटिज़न्स को विजय के 2015 के एक ज्वेलरी ब्रांड विज्ञापन की भी याद आई। उस विज्ञापन में विजय अपने ड्राइवर की बेटी की सफलता को सेलिब्रेट करते दिखे थे। विज्ञापन में दिखाया गया था कि ड्राइवर की बेटी परीक्षा में टॉप करती है और छुट्टी मांगता है, लेकिन विजय उसे तुरंत मना कर देते हैं। इसके बाद वह ड्राइवर को ज्वेलरी शॉप लेकर जाते हैं, जहां ड्राइवर अपनी बेटी के लिए सरप्राइज देखकर भावुक हो जाते हैं। यह विज्ञापन विजय की फिल्मों जैसी मानवीय छवि को दर्शाता है।

विजय का फिल्मी अंदाज़ 

थलपति विजय फिल्मों में अक्सर ऐसे किरदार निभाते आए हैं जो आम जनता की मदद करते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाते हैं। राजनीति में भी उन्होंने अपने ड्राइवर के बेटे को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाकर इसी छवि को जीवंत रखा।

इस फैसले ने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग इसे प्रेरणादायक बता रहे हैं। सबरिनाथन का नाम सिर्फ परिवार की निष्ठा का सम्मान नहीं, बल्कि यह संदेश भी देता है कि मेहनत और सच्चाई का फल समाज में मान्यता पा सकता है।

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