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भारत ने मध्य पूर्व संकट पर बनाई कमेटी, राजनाथ होंगे अध्यक्ष
27 Mar 2026
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के मद्देनज़र भारत ने मध्य पूर्व संकट पर बनाई कमेटी और एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया है, जो इस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष और उससे पैदा होने वाले संभावित प्रभावों पर नजर रखेगा। इस समूह की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित अन्य वरिष्ठ मंत्री भी शामिल होंगे।
भारत ने मध्य पूर्व संकट पर बनाई कमेटी
आज सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी का ऐलान किया है। जबकि भारत ने मध्य पूर्व संकट पर बनाई कमेटी, जिससे तेल आपूर्ति पर नजर रखी जा सके। नए आदेश के अनुसार, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स 21.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है।
एविएशन सेक्टर के लिए भी राहत मिली है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर नई एक्साइज ड्यूटी 50 रुपये प्रति लीटर तय की गई है, और राजनाथ सिंह आईएमजी के प्रमुख हैं, केंद्र ने गठन किया लेकिन कुछ छूटों के बाद असल में यह 29.5 रुपये प्रति लीटर ही रहेगी। इससे एविएशन क्षेत्र पर अतिरिक्त बोझ कम होगा।
मोदी मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे वर्चुअल बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक करेंगे। इस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे, जहां चुनाव होने वाले हैं। बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनज़र राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। यह पहली बार है जब मिडिल ईस्ट संघर्ष के मुद्दे पर मुख्यमंत्रियों के साथ इस तरह की वर्चुअल चर्चा होगी।
मिडिल ईस्ट संघर्ष का पृष्ठभूमि
मिडिल ईस्ट संघर्ष 28 फरवरी को तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने अपने खाड़ी पड़ोसी देशों और इज़राइल को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई शुरू की। भारत सरकार इस स्थिति पर लगातार नजर रख रही है ताकि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे।
गैर-घरेलू एलपीजी आवंटन में बढ़त
औद्योगिक और कमर्शियल सेक्टर को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने गैर-घरेलू एलपीजी (LPG) के आवंटन में बढ़ोतरी की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की नई गाइडलाइन के अनुसार, राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी का कुल कोटा अब 70 प्रतिशत कर दिया गया है। यह कदम व्यापार और उद्योगिक गतिविधियों को सहज बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इस तरह सरकार ने मिडिल ईस्ट तनाव और घरेलू ऊर्जा जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए कई अहम कदम आज एक साथ उठाए हैं।