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जम्मू-कश्मीर बजट सत्र में झड़प, खामेनेई की तस्वीर से बढ़ा तनाव

 27 Mar 2026

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जम्मू-कश्मीर बजट सत्र में झड़प के दौरान कांग्रेस और भाजपा के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली। इस दौरान दोनों पक्षों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हो गई।


जम्मू-कश्मीर: बजट सत्र में झड़प

बजट सत्र की शुरुआत होते ही जम्मू-कश्मीर बजट सत्र में झड़प देखने को मिली, जब कांग्रेस के कुछ विधायक प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस पर भाजपा के विधायक भड़क गए और उन्होंने जवाबी नारे लगाने शुरू किए। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और राहुल गांधी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां सामने आईं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की नौबत आई। सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

खामेनेई की तस्वीर और विरोध-प्रदर्शन
 

हंगामे के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के विधायकों ने ईरान के नेता अयातुल्लाह खामेनेई की तस्वीरें और ईरानी बैनर लहराकर ईरान ने जम्मू-कश्मीर का विरोध किया का संदेश विधानसभा में पहुंचाया, वहीं, भाजपा के विधायकों ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के बैनर पेश किए और जम्मू में विकास कार्यों की मांग उठाई। नेशनल कॉन्फ्रेंस के तनवीर सादिक ने काले कपड़े पहने और माथे पर प्रतीकात्मक चिन्ह लिखा, जबकि भाजपा विधायक ‘जम्मू को इंसाफ दो’ के नारे लगा रहे थे। इसके अलावा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ विधायक इजराइल के खिलाफ ‘इजराइली मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहे थे।

विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी 

हंगामे के बावजूद, जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने कई विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी। इस बैठक में मुख्य जोर प्रदेश में बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सेवाओं और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने पर रखा गया। कठुआ और पंपोर में सीवरेज और ड्रेनेज परियोजनाओं के लिए क्रमशः 44 करोड़ और 24 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इन परियोजनाओं के जरिए घरों से निकलने वाले गंदे पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़कर सफाई की स्थिति में सुधार किया जाएगा। 

कैबिनेट बैठक जम्मू में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सरकारी आवास पर आयोजित हुई और करीब एक घंटे तक चली। अधिकारियों ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सेवाओं की डिलीवरी बेहतर करना और संतुलित विकास सुनिश्चित करना था।

इस तरह, विधानसभा में राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन और बजट सत्र की कार्यवाही दोनों ही सदन में चर्चा का केंद्र बने रहे, जबकि विकास परियोजनाओं को मंजूरी देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

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