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PM मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मिडिल ईस्ट पर चर्चा करेंगे
26 Mar 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक हाई लेवल बैठक करेंगे। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शाम 6.30 बजे आयोजित होगी। इस संवाद कार्यक्रम में चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वहां आचार संहिता लागू है। बैठक में मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट के वर्तमान हालात और उनकी संभावित चुनौतीओं पर चर्चा होगी।
PM नरेंद्र मोदी करेंगे राज्यों की समीक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बैठक के दौरान राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की भी समीक्षा करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम संकट के समय में “टीम इंडिया” की भावना को बनाए रखने और राज्यों के साथ तालमेल को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। चुनावी राज्यों के लिए अलग बैठक मुख्य सचिवों के माध्यम से आयोजित की जाएगी।
मिडिल ईस्ट संकट पर भारत की चिंताएं
प्रधानमंत्री मोदी ने मिडिल ईस्ट के हालात को अत्यंत चिंताजनक बताया है। उनका कहना है कि यह संकट तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है और इसका प्रभाव केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने संसद के दोनों सदनों को भी इस मुद्दे पर संबोधित किया। और साथ ही मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करेंगे ।
मोदी ने बताया कि इस संकट से भारत को आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय स्तर पर कई अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। खाड़ी देशों में लगभग 1 करोड़ भारतीय काम कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आवश्यक संसाधनों की स्थिति
प्रधानमंत्री ने कहा कि होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण मार्गों से आवाजाही चुनौतीपूर्ण हो गई है, जिससे वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। भारत की कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई बाधित होने की संभावना है। हालांकि, मोदी ने आश्वस्त किया कि देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व सुरक्षित है। फर्टिलाइजर की आपूर्ति पर असर पड़ने की संभावना है, लेकिन देश के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
शांति और संवाद ही समाधान
प्रधानमंत्री मोदी ने शांति और संवाद को ही संकट का एकमात्र समाधान बताया। उन्होंने बताया कि भारत इजराइल, ईरान, अमेरिका और अन्य खाड़ी देशों के नेताओं के संपर्क में लगातार है। उनका मानना है कि भारत की संसद से निकली एकजुट और एकमत आवाज पूरी दुनिया तक शांति का संदेश पहुंचाएगी।
सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी
मिडिल ईस्ट के हालात पर सरकार ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में विपक्ष को जानकारी दी गई कि पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से चार भारतीय जहाज सुरक्षित लौट चुके हैं। सरकार ने कहा कि किसी भी तरह के पैनिक की जरूरत नहीं है और विपक्षी दल किसी भी जानकारी के लिए बैठक में आ सकते हैं।