Article

अखिलेश यादव WITT शिखर सम्मेलन 2026: बीजेपी पर बोला हमला

 24 Mar 2026

अखिलेश यादव ने एलपीजी पर बयान दिया: टीवी9 नेटवर्क के ‘व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट-2026’ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार लाल टोपी और लाल सिलेंडर से डरती है। एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और उपलब्धता को लेकर आम जनता परेशान है। अखिलेश ने कहा कि पहले बोरी चोरी का मुद्दा उठाया गया, फिर 14 किलो का सिलेंडर 10 किलो में बदल दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए चेतावनी दी कि कहीं ऐसा न हो कि अब रोटी का साइज भी घटाने की बात की जाए।


अखिलेश यादव WITT शिखर सम्मेलन 2026

अखिलेश यादव WITT शिखर सम्मेलन 2026 में भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने ईरान-इजरायल संकट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने देशवासियों को यह सपना दिखाया कि भारत विश्व गुरु बनेगा, लेकिन वास्तविकता में युद्ध को रोकने में नाकाम रही। उनका तंज था कि अगर प्रधानमंत्री इजरायल से लौट रहे थे तो युद्ध हुआ, जबकि यदि ईरान में रुकते तो ऐसा नहीं होता।

विपक्ष पर सरकार की कार्रवाई को लेकर निशाना 

अखिलेश यादव WITT शिखर सम्मेलन 2026 में बोले कि युद्ध के समय कुछ लोग राजनीतिक लाभ की कोशिश करते हैं, लेकिन यही रवैया विपक्ष के लिए क्यों नहीं अपनाया जाता। उनका आरोप था कि विपक्षी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया जाता है, संस्थाओं के माध्यम से परेशान किया जाता है, और न्याय नहीं दिया जाता। उन्होंने वाराणसी में हुई छात्र हत्या का भी जिक्र किया और कहा कि जिस शहर को क्योटो बनाने का दावा था, वहां छात्र दौड़-दौड़कर मारे जा रहे हैं।

विदेश नीति और अमेरिका पर तंज 

विश्व गुरु बनने के दावे पर अखिलेश ने कहा कि अगर सभी देशों के साथ संबंध अच्छे हैं, तो युद्ध ही क्यों हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति अब विदेशियों द्वारा तय हो रही है। अमेरिका ने भारत पर पाबंदियां लगाईं, और सरकार ने कोई कड़ा कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि अगर सच में नीति मजबूत होती तो भारत अमेरिका के साथ व्यापार रोककर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता था।

किसानों और नीति पर टिप्पणी 

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर सरकार कोई सही और न्यायसंगत निर्णय लेती है तो विपक्ष उसका समर्थन करेगा। लेकिन झूठे दावे, जैसे विश्व गुरु बनना, स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने किसानों के मुद्दे पर भी कहा कि आवश्यक बीज अमेरिका से लाए जाएंगे और यह दर्शाता है कि भारत की डिप्लोमेसी असफल हो चुकी है।

Read This Also:- असदुद्दीन ओवैसी सत्ता सम्मेलन, संविधान और विदेश नीति पर सवाल